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राजस्थान में हाईवे परियोजनाओं की कछुआ चाल, रेंग रहे आधे से ज्यादा प्रोजेक्ट

राजस्थान में निर्माणाधीन कुल 32 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में से 15 प्रोजेक्ट तय समय सीमा से पिछड़ गए हैं जबकि 17 में तो प्रगति अभी आधी ही हुई है। इनमें भी तीन में तो शून्य प्रगति है
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अभिषेक सिंघल

नई दिल्ली। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने की रफ्तार कछुआ चाल को भी मात कर रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में निर्माणाधीन कुल 32 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में से 15 प्रोजेक्ट तय समय सीमा से पिछड़ गए हैं जबकि 17 में तो प्रगति अभी आधी ही प्रगति हुई है। इनमें भी तीन में तो शून्य प्रगति है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में राजस्थान में निर्माणाधीन 32 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ब्यौरा दिया। इनमें करीब 15 परियोजनाओं की पूर्णता तिथि आगे बढ़ानी पड़ी। कई परियोजनाएं ऐसी हैं जिनकी मूल समय-सीमा 2021, 2022, 2023 और 2024 में थी, लेकिन अब उनका काम 2026 और 2027 तक खिंच गया है।

सबसे अधिक प्रभावित परियोजनाओं में कोटा उत्तरी बाईपास, सवाई माधोपुर आरओबी, बालोतरा-सांडेराव मार्ग, अजमेर-नागौर वीयूपी, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज, गुरुग्राम-जयपुर एनएच-48 तथा अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। कुछ परियोजनाओं की प्रगति 90 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद उनका काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। इसके अलावा जोधपुर में एलिवेटेड रोड, जयपुर-किशनगढ़ एक्सप्रेस वे का छह लेन उन्नयन, उदयपुर के खैरवाड़ा में एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रगति शून्य बताई गई है।

देरी के प्रमुख कारण

-भूमि अधिग्रहण में विलंब।
-रेलवे की मंजूरी और आरओबी स्वीकृति में देरी।
-वन एवं पर्यावरण संबंधी मंजूरियां।
-ठेकेदारों की वित्तीय तंगी।
-संसाधनों की धीमी जुटान।
-फ्लाई ऐश की अनुपलब्धता।
-जलभराव और डिजाइन में बदलाव।
-अतिरिक्त कार्य (चेंज ऑफ स्कोप)।

कुल सूचीबद्ध परियोजनाएं : 32
तय समय से पीछे चली परियोजनाएं : करीब 15

सबसे अधिक विलंबित 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं (राजस्थान)

परियोजनासमय सीमा संशोधित पूर्णताअनुमानित देरी
एनएच-752 (पुराना एनएच-90) किमी 55.430–64.530 दो लेन निर्माण 14 मई 2021 30 नवंबर 2026 5 वर्ष 6 माह
अकलेरा बाईपास (एनएच-752) 9 फरवरी 2022 31 अगस्त 2026 4 वर्ष 7 माह
दिल्ली–वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एनएच-148एन) पैकेज-10 21 मई 2023 30 सितंबर 20263 वर्ष 4 माह
दिल्ली–वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एनएच-148एन) पैकेज-15 4 जनवरी 2024 31 अगस्त 2026 2 वर्ष 8
एनएच-325 बालोतरा–सांडेराव मार्ग (बाईपास सहित) 11 मई 2024 31 अक्टूबर 2026 2 वर्ष 6 माह

50% से कम प्रगति वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं (राजस्थान)

परियोजना प्रगति
1- जोधपुर शहर में महामंदिर–अखालिया चौराहा एलिवेटेड रोड 0%
2- जयपुर–किशनगढ़ (एनएच-48) का छह लेन उन्नयन 0%
3- खेरवाड़ा (उदयपुर) एलिवेटेड कॉरिडोर 0%
4- रोहट बाईपास (एनएच-62) वीयूपी एवं शेष कार्य 1.50%
5- अजमेर–नसीराबाद (एनएच-448) चार लेन उन्नयन 3.00%
6- मांडल टाउन बाईपास (एनएच-158, भीलवाड़ा) 3.75%
7- कुस्तला–सवाई माधोपुर (एनएच-552) चार लेन चौड़ीकरण 7.00%
8- घाटोल बाईपास (एनएच-56) 11.00%
9- अजमेर–नागौर (एनएच-58) पर तीन वीयूपी का निर्माण 18.00%
10- जैसलमेर–मुनाबाव–तनोट सड़क परियोजना 18.56%
11- एनएच-248ए नटनी का बारा खंड का उन्नयन 23.00%
12- कवाई बाईपास (एनएच-752) का शेष कार्य26.21%
13- अजमेर–नागौर (एनएच-58) पर दो वीयूपी का निर्माण 30.00%
14-वजवाना–बांसवाड़ा खंड (एनएच-927ए) का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण 32.00%
15- रास टाउन 4-लेन बाईपास (एनएच-158) 34.80%
16- सूरतगढ़–श्रीगंगानगर खंड पर घग्घर नदी पुल (एनएच-62) 35.00%
17- कोटा उत्तरी बाईपास (चरण-II) 48.90%