
नई दिल्ली। प्लास्टिक कचरे से निपटने को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने भारत की तारीफ की थी, लेकिन अब एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक देश की राजधानी खुद प्लास्टिक कचरा पैदा करने में नंबर वन है। सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक देश में रोजाना 25,940 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, इसमें से 689.52 टन प्रतिदिन के साथ दिल्ली की हालत सबसे खराब है। वहीं 0.24 टन प्लास्टिक कचरे के साथ कवरत्ती की हालत सबसे अच्छी है। सीपीसीबी के अध्ययन के मुताबिक भारत के टियर-1 और टियर-2 वर्ग के 60 शहरों से ही 4059 टन प्लास्टिक कचरा हर दिन उत्पन्न होता है।
प्लास्टिक कचरा पैदा करने में ये सबसे आगे
| रैंक | शहर | प्लास्टिक कचरा प्रतिदिन |
| 1 | दिल्ली | 689.52 टन |
| 2 | चेन्नई | 429.36 टन |
| 3 | मुंबई | 408.27 टन |
| 4 | बेंगलुूरु | 313.87 टन |
| 5 | हैदराबाद | 119.33 टन |
दिल्ली के कुल कचरे में सवा 10 फीसदी सिर्फ प्लास्टिक
रिपोर्ट के अनुसार पूरी दिल्ली में कुल वेस्ट का 10.14 फीसदी हिस्सा सिर्फ प्लास्टिक कचरा है। हैरानी की बात तो यह है कि प्लास्टिक कचरे के मामले में झुग्गियां ही नहीं एयरपोर्ट जैसी जगह भी शीर्ष में शामिल हैं। एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी के तीन बड़े रेलवे स्टेशनों हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली पर मिलाकर 6758 किलो प्लास्टिक कचरा पैदा हो रहा था। वहीं घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यह आंकड़ा 3662 किलो प्रतिदिन का था। यह रिपोर्ट करीब एक दशक पुरानी है यानी मौजूदा कितने खतरनाक हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
...इस तरह आप ला सकते हैं बदलाव
- डिस्पोजेबल ग्लास का इस्तेमाल कम करें।
- पानी की बोतल बाजार से खरीदने के बजाए घर से ले जाएं।
- सब्जी या अन्य सामान खरीदते समय घर से जूट आदि के बने बैग ले जाएं, प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल से बचें।