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प्लास्टिक प्रदूषण से सख्ती से निपट रहा है भारत, यूएन ने की तारीफ

प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए भारत सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दुनिया के बाकी देशों के लिए यह एक नजीर हो सकती है

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प्लास्टिक प्रदूषण से सख्ती से निपट रहा है भारत, यूएन ने की तारीफ

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पर्यावरण प्रदूषण से निपटने के भारतीय प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा है कि पर्यावरण संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए भारत ने जो नई कार्यप्रणाली अपनाई है, वह पहले से बेहतर है। प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए भारत सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दुनिया के बाकी देशों के लिए यह एक नजीर हो सकती है।

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क्या कहा संयुक्त राष्ट्र संघ ने

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के डिवीजन ऑफ कम्युनिकेशन्स एंड पब्लिक इन्फॉर्मेशन्स के निर्देशक नायसन सहबा वैश्विक पर्यावरण रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि भारत पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दों से निपटने के मामले में बेहद जागरूक एवं कार्यशील है। साथ ही भारत ने इस चुनौती से निपटने के लिए कई तरह के संवहनीय कदम भी उठाए हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण भारत में एक बड़ी चिंता

एक अध्ययन के अनुसार भारत में सालाना 56 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनियाभर में एक साल में जितना कूड़ा डम्प किया जाता है उसका 60 प्रतिशत अकेले भारत डम्प करता है। भारतीय लोग रोजाना 15000 टन प्लास्टिक या उससे बनी चीजें कचरें में फेंक देते हैं जो अंततः समुद्र में डाला जाता है इससे पानी में रहने वाले करोड़ों जीव-जन्तुओं के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न होता है। समुद्री पर्यावरण के लिहाज से यह कचरा बेहद हानिकारक है।

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भारत सरकार के प्रयास

प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए भारत सरकार ने कई कदम उठाए हैं जिसमें जैविक और अजैविक कचरे को अलग अलग इकठ्ठा करना सबसे महत्वपूर्ण है। भारत में सार्वजानिक स्थानों पर दो तरह के कूड़ापात्र रखना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही प्लास्टिक बंद पेय बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने प्लास्टिक प्रदूषण में कमी लाने में मदद करने की शपथ ली है। भारत सरकार के साथ-साथ कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक के बैग पर पूरी तरह पहले से ही रोक लगा रखी है। इन उपायों से प्लास्टिक कचरे से निपटने में बहुत मदद मिली है।