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तूतीकोरिन में 13 जान जाने के बाद सरकार ने दिया वेदांता के कॉपर प्लांट को बंद करने का आदेश

सीएम के पलानीस्वामी ने कहा कि अनुच्छेद 48-ए के तहत उसे ऐसा करने का अधिकार है। यह फैसला राज्य के लोगों की भावना का सम्मान कर लिया है।
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o panneerselvam
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चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने आखिरकार स्टरलाइट प्लांट को बंद करने का आदेश दे ही दिया। इस आदेश में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा गया है कि वेदांता ग्रुप के कॉपर प्लांट को हमेशा के लिए सील कर दे। यह कार्रवाई 1974 के वाटर एक्ट के तहत की गई है।

विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले लिया फैसला
इस मामले पर सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 48-ए के तहत उसे ऐसा करने का अधिकार है। सीएम के पलानीस्वामी का कहना है कि राज्य के लोगों की भावना का सम्मान करते हुए फैसला लिया गया। खास बात है कि यह फैसला विधानसभा सत्र से एक दिन पहले लिया गया है।

सील कर दिया गया
सरकार के आदेश पर प्रशासन ने प्लांट के गेट पर सील लगा दी। गौरतलब है कि तूतीकोरिन में बीती 22 व 23 मई को हुई हिंसा के दौरान पुलिस की गोली से 13 लोग मारे गए थे। पुलिस ने लगभग सौ लोगों को गिरफ्तार करने के साथ विपक्ष के दिग्गज नेताओं स्टालिन, कमल हासन व वाइको को भी नामजद किया था।

सीएम ने हिंसा के लिए विपक्ष को ठहराया था जिम्‍मेदार
हिंसा के बाद सीएम के. पलानीस्वामी ने बीते गुरुवार को कहा था कि प्लांट के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चल रहा था, लेकिन विपक्ष ने इसे हिंसक रूप दे दिया। प्लांट को बंद करने की कार्रवाई जयललिता के कार्यकाल से चल रही थी। मामला अदालत में लंबित है। तब उनका कहना था कि उनकी सरकार स्टरलाइट कंपनी को बंद करने के कानूनी रास्ता तलाश रही है। उधर, विपक्ष का आरोप है कि स्टरलाइट कंपनी इसी वजह से चल रही है, क्योंकि इसे केंद्र व राज्य दोनों सरकारों का समर्थन मिल रहा है। उनकी मांग है कि कि पुलिस फायरिंग का आदेश किसने दिया था, इसकी न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।

इससे पहले पनीरसेल्‍वम ने दिया था बंद करने का संकेत
इस आदेश के आने से कुछ ही घंटे पहले तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने प्लांट को बंद करने के संकेत दिया था। बता दें कि पनीरसेल्‍वम ने यह बात तब कही, जब वह सोमवार को घायलों को देखने अस्‍पताल पहुंचे थे। पन्नीरसेल्वम ने बीते 22 मई को स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ प्रदर्शनक कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना।

उप मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बात की और बताया कि घायलों को मुआवजा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि यहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए हैं, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान खुल रहे हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल हो गई है। वहीं तूतीकोरीन ट्रेडर्स संघ के एस.राजा ने मीडिया को बताया, "दुकानें अब खुल गई हैं। हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन जब तक कॉपर संयंत्र स्थाई तौर पर बंद नहीं होगा, शहर में पूर्ण शांति बहाल नहीं होगी।"

22 मई को पुलिस फायरिंग में गई थी 13 की जान
राजा ने यह भी कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने गोलियां चलाईं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। राजा के मुताबिक, पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 में से सात का पोस्टमार्टम किया गया है। आपको बता दें कि तूतीकोरिन में प्लांट का विरोध कर रहे लोग 22 मई को जब पथराव और आगजनी पर उतर आए थे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने ओपन फायरिंग कर दी जिसमें अब 13 लोगों की जान चली गई। पनीरसेल्वम ने सोमवार को तूतीकोरिन पहुंचकर कहा कि अस्पताल में भर्ती घायल प्रदर्शनकारियों की कुछ मांगें हैं जिनपर विचार किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर सदन में भी रेजॉलूशन लाया जाएगा। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह प्लांट को बंद कराने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह इलाके में शांति लाने के लिए कोशिश करेंगे।

Updated on:
28 May 2018 09:42 pm
Published on:
28 May 2018 03:01 pm