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Dhyanchand Award के इतिहास से लेकर जानें सबकुछ, क्या होती है पुरस्कार की राशि

मेजर ध्यानचंद सिंह की याद में दिया जाता है Dhyanchand Award हॉकी खिलाड़ी Dhyanchand ने अपने 20 वर्ष के करियर में 1000 गोल करने का कारनामा किया था वर्ष 2002 से देश में दिए जा रहे हैं ध्यानचंद पुरस्कार
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Updated: 28 Aug 2020, 3:50 PM IST
Dhyanchand Award Sports Award
मेजर ध्यानचंद अवॉर्ड

नई दिल्ली। हर साल की तरह इस वर्ष भी 29 अगस्त को दिए जाने वाले राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2020 के लिए खेल मंत्रालय ( Ministry of Youth Affairs & Sports ) ने चयन समिति की घोषणा कर दी है। विभिन्न खेल पुरस्कारों ( Sports Award )के साथ मेजर ध्यानचंद पुरस्कार ( Dhyanchand Award ) भी इस दौरान दिया जाता है। आईए जानते हैं कि कब से शुरू हुया ध्यानचंद अवॉर्ड और ये किन लोगों को दिया जाता है।

सभी राष्ट्रीय खेलों के लिए प्रदान किये जाने वाले पुरस्कारों में से एक मेजर ध्यानचंद पुरस्कार भी है। ध्यानचंद पुरस्कार महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर है।

इन लोगों को दिया जा है अवॉर्ड
ध्यानचंद पुरस्कार अपने शानदार खेल में खेल-कूद के क्षेत्र में योगदान करने और सक्रिय खेल जीवन से अवकाश प्राप्त करने के बाद भी खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए योगदान जारी रखने के लिए दिया जाता है।

2002 में हुई थी पुरस्कारों की शुरुआत
मेजर ध्यानचंद पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2002 में कर दी गई थी | यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष खेल मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है।

कौन थे मेजर ध्यानचंद
मेजर ध्यानचंद भारतीय सेना में एक सैनिक थे, इसके साथ ही वह एक भारतीय फील्ड हॉकी खिलाड़ी भी , जिन्होंने अपने 20 वर्षों के हॉकी करियर में 1000 से अधिक गोल करने का कारनामा कर दिखाया था, जिसके बाद इस पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद पुरस्कार रखा दिया गया था |

इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उनके सक्रिय खेल करियर और सेवानिवृत्ति के बाद दोनों में उनके योगदान के आधार पर चुनाव किया जाता है। इस पुरस्कार से वर्ष में केवल तीन खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है |

मेजर ध्यानचंद पुरस्कार की राशि
मेजर ध्यानचंद पुरस्कार का प्राप्त करने वाले विजेताओं को इस पुरस्कार के साथ-साथ 5 लाख रूपये की नकद राशि भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही विजेताओं को एक प्रतिमा, प्रमाण पत्र और औपचारिक पोषण मिलती है।

2002 में शुरू हुए ध्यानचंद अवॉर्ड की शुरुआत में अपर्णा घोष को बास्केटबॉल, अशोक दीवान को हॉकी और शाहुराज बिराजदार को मुक्केबाजी में पुरस्कार दिया गया था।

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