शिक्षा मंत्री ने की कोरोना संकट में केवीएस ( Kendriya Vidyalaya ) द्वारा किए गए कार्यों की सराहना। रमेश पोखरियाल निशंक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किया चारों का उद्घाटन। आंध्र प्रदेश स्थित आईआईआईटी श्रीसिटी में टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर भी खुला।
नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों के छात्रों और अभिभावकों के लिए खुशखबरी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' गुरुवार को हरियाणा, ओडिशा और राजस्थान में चार नए केंद्रीय विद्यालयों ( Kendriya Vidyalaya ) का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित आईआईआईटी श्रीसिटी में ज्ञान सर्किल वेंचर्स टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर का भी उद्घाटन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इन विद्यालयों का उद्घाटन करते हुए शिक्षा मंत्री ने कोरोना वायरस महामारी के चुनौतीपूर्ण वक्त में किए गए तमाम कार्यों के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन की सराहना की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्ऱेंसिंग के जरिये राजस्थान में हनुमानगढ़ केंद्रीय विद्यालय, हरियाणा में फरीदाबाद केंद्रीय विद्यालय और ओडिशा स्थित नयागढ़ केंद्रीय विद्यालय और राईरंगपुर के महुलदिहा केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन किया।
इसके साथ ही उन्होंने चित्तूर, आंध्र प्रदेश में आईआईआईटी श्रीसिटी एमईआईटीवाई-वित्तपोषित टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर का भी शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा कि केवी संगठन ने कोरोना के इस चुनौतीपूर्ण माहौल में स्कूली शिक्षा को डिजिटल मीडिया से लगातार जारी रखकर काफी सराहनीय काम किया है। केंद्रीय विद्यालयों के फैसले, इसकी क्षमता का पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की ताकत, योग्यता और उसकी क्षमता का पता कठिन हालात में लिए गए उसके फैसलों और किए गए कार्यों से पता चलता है।
निशंक ने आगे कहा कि अब तक यह चारों केंद्रीय विद्यालय अस्थायी भवनों में संचालित हो रहे थे। इन चारों विद्यालयों के निर्माण पर करीब 68.60 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह विद्यालय तीनों राज्यों के करीब 4,000 छात्रों को फायदा पहुंचाएंगे। उन्होंने इन स्कूलों के बारे में बताते हुए कहा कि नए भवन क्लास, लैबोरेटरी, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, खेल-कूद और संगीत के साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए जरूरी सभी प्रकार की सुविधाओं से लैस हैं।
इस दौरान उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय जैसे शैक्षिक संगठनों पर अब इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। NEP 2020 राष्ट्र की नई शिक्षा नीति है और इसकी सफलता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।