
नई दिल्ली। केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। सरकार बातचीत के जरिए गतिरोध को खत्म करने के प्रयास में लगी है। लेकिन किसान कानूनों को रद्द करने से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। इस बीच कृषि कानूनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश के बावजूद किसान अपने आंदोलन को तेज करने की तैयारी में जुटे हैं। किसान संघों के नेताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारी सोमवार को सभी जिला कार्यालयों में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे और सुबह 8 से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल करेंगे।
दिल्ली-जयपुर हाइवे को बंद करने की चेतावनी
बता दें कि दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन पहले की तरह जारी है। किसान यूनियन की पंजाब इकाई ने एक बार फिर दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे को बंद करने की चेतावनी दी है। वहीं केंद्र सरकार के लिए राहत वाली बात ये है कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से बातचीत के बाद दिल्ली-नोएडा चिल्ला बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। किसानों के इस रुख से केंद्र को बड़ी राहत मिली है।
दूसरी तरफ हरियाणा में किसानों के एक गुट ने कृषि कानूनों में संशोधन वाला केंद्र सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। अपने 6 सूत्रीय स्वीकृति पत्र में किसानों ने कहा है कि हम सरकार की ओर से प्रस्तावित संशोधनों के साथ तीन कृषि कानूनों को जारी रखने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए भेजे गए नए संशोधन प्रस्तावों के साथ इन कानूनों को जारी रखा जाना चाहिए। हम एमएसपी और एपीएमसी को जारी रखने के बारे में आंदोलनकारी किसानों द्वारा उठाई गई मांगों का समर्थन करते हैं।