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Flood In Assam: बाढ़ से 12 लोगों की मौत, 38000 लोग घर से हुए बेघर, CRPF हेडक्वार्टर में घुसा पानी

Weather Update Assam में Flood से तबाही, 12 लोगों ने अब तक जान गंवाई 38000 लोग हुए बेघर, CRPF के Headquarter में घुसा बाढ़ का पानी बढ़ी परेशानी प्रशासन चला रहा 27 राहत कैंप, 102 गांव अब तक पानी में डूब चुके

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असम में बाढ़ से तबाही

नई दिल्ली। मानसून ( Monsoon in India ) की दस्तक के साथ ही देश के पूर्वोत्तर राज्यों में जोरदार बारिश ( Heavy Rainfall ) ने परेशानी बढ़ाना शुरू कर दिया है। असम में भारी बारिश और बाढ़ ( Flood in Assam ) ने जमकर तबाही मचाई है। अब तक बाढ़ की वजह से 12 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 38 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। प्रदेश में बाढ़ के चलते हालत लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन निगम की ओर से जानकारी दी गई है कि बाढ़ से प्रदेश में धेमजी, जोरहाट, मजूली, सिवनगर, डिब्रूगढ़ में हजारों की संख्या लोग बेघर हुए हैं। वहीं सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर ( crpf headquarters ) में भी पानी घुस गया है।

असम में भारी बारिश के बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बाढ़ से सिवनगर जिले में एक व्यक्ति की मौत के बाद जहां मौत का आंकड़ा 12 तक पहुंच गया है तो वहीं दूसरी तरफ 38000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।

डिब्रूगढ़ में सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके चलते जवानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आंकड़ों पर एक नजर
15000 लोग सबसे ज्यादा धेमजी में हुए प्रभावित
11000 डिब्रूगढ़ में लोग बाढ़ की चपेट मे।
10000 लोग सिवनगर में प्रभावित हुए हैं।
37000 मंगलवार तक प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या
102 गांव बाढ़ के पानी की वजह से डूब चुके
5031 हेक्टेएयर खेत बर्बाद हो चुके
27 राहत कैंप प्रशासन चला रहा है
1081 लोगों को कैंप में रखा गया है

असम के तिनसुकिया जिले में लगातार बारिश के कारण डूमडोमा-बागजान मार्ग पर एक पुल टूट गया। इस घटना की जानकारी देते हुए DCP बितुल चेतिया ने बताया, 'असम के तिनसुकिया में लगातार बारिश के कारण डूमडोमा-बागजान मार्ग पर एक पुल ढह गया। हालांकि इससे अब तक किसी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

असम के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वह उफान पर हैं गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी खतरे के निशान से सिर्फ एक मीटर नीचे है। जो कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकता है।

ब्रह्म्पुर नदी जोरहाट और धुबरी इलाके में खतरे के निशान के उपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां भी खतरे के निशान के उपर बह रही हैं। जो आने वाले दिनों में बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है।

Published on:
25 Jun 2020 05:37 pm
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