बस, एफएम तड़का पर इंतजार कीजिए 15 अगस्त का... खुद के मैस्कॉट वाले देश का होगा पहला एफएम स्टेशन
नई दिल्ली। हमारी आज़ादी को सात दशक से ज्यादा होने वाले हैं। इतने सालों में हमने गांधी जी के तीन बन्दरों को Follow किया... 'बुरा मत देखो', 'बुरा मत सुनो' और 'बुरा मत कहो'... लेकिन इन तीन बंदरों के साथ, आगे बढऩे की कश्मकश में हम अपनी सुनना तो भूल ही गये... कि हमारे मन में क्या है, हम अपनी जि़न्दगी जीना भूल गये... तो अब वक़्त है चौथे बन्दर यानी Mr. Mannki के आने का और उसके स्वागत का... और इस चौथे बन्दर Mr. Mannki को आप सभी से मिलवाने का बीड़ा उठाया है, fm tadka ने... चौथा बन्दर हमसे जल्दी ही मिलेगा... तो अब कहानी शुरू होती है, चौथे बन्दर यानी Mr. Mannki की... इंतजार कीजिए 15 अगस्त का !
खुद के मैस्कॉट वाला देश का पहला एफएम स्टेशन होगा
एफएम तड़का देश का पहला ऐसा एफएम स्टेशन बनने जा रहा है जिसके पास अपना खुद का एक मैस्कॉट यानी शुभंकर होगा। एफएम तड़का की शुरुआत 15 अगस्त 2006 को चार रेडियो स्टेशनों - जयपुर, उदयपुर, कोटा, रायपुर के साथ हुई थी। वर्ष 2017 में 14 एफएम स्टेशन्स जुडऩे के साथ कुल स्टेशन 18 हो गए। एफएम तड़का का नेटवर्क अब देश के छह राज्यों में फैला हुआ है। इनमें महाराष्ट्र (जलगांव, शोलापुर), छत्तीसगढ़ (रायपुर, बिलासपुर), बिहार (मुज्जफरपुर), उत्तर प्रदेश (आगरा, बरेली, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, प्रयागराज), राजस्थान (जयपुर उदयपुर, कोटा बीकानेर, अजमेर) और जम्मू-कश्मीर में (जम्मू व श्रीनगर) शामिल हैं।