
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी टीकाकरण को लेकर गोवा सरकार ने निजी अस्पताल संचालकों को सख्त चेतावनी जारी की। गोवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि निजी अस्पताल अगर स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा अन्य लोगों को कोरोना का टीका लगाते पाए गए तो उन्हें टीके की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
गोवा के टीकाकरण ऑफिसर डॉक्टर राजेंद्र बोरकर ने रविवार देर शाम जारी बयान में कहा है कि इस प्रकार की शिकायतें मिली हैं कि कुछ निजी अस्पताल उन लोगों को भी टीका लगा रहे हैं जो स्वास्थ्यसेवा कर्मी नहीं हैं। न ही कोविड-19 पोर्टल में पंजीकरण नहीं है। इस तरह की शिकायतों को गोवा सरकार से गंभीरता से लिया है।
टीकाकरण को गंभीरता से लेने की जरूरत
गोवा टीकाकरण अधिकारी ने कहा है कि राज्य सरकार और भारत सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों और संस्थानों को टीके मुहैया कराना बंद कर सकती है। ऐसा इसलिए कि इससे कोविड-19 टीकाकरण अभियान बाधित हो सकता है।
इस मुद्दे को आईएमए के समक्ष उठाने के संकेत
कोरोना टीकाकरण अधिकारी बोरकर ने बताया है कि टीका पंजीकरण प्रबंधन के मकसद से केंद्र ने कोविन ऐप बनाई है। सही तरीके से टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए इस मामले को निजी अस्पतालों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समक्ष उठाया जाएगा। ताकि केंद्र के दिशा-निर्देशों की अवहेलना न हो।
बता दें अन्य राज्यों की तरह गोवा स्टेट भी 16 जनवरी से देशभर में जारी टीकाकरण अभियान में शामिल है। गोवा में सरकारी केंद्रों के अलावा करीब 6 निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के सदस्यों को कोविड-19 का टीका लगाने वाले अस्पतालों की सूची में शामिल किया गया है।