विविध भारत

एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सरकार

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि " मैंने कानून मंत्रालय को पुनर्विचार याचिका दर्ज करने की वांछनीयता पर विचार करने के निर्देश दिये हैं।"

2 min read
Mar 30, 2018

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है। जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के तहत मामला दर्ज करने से पहले सख्त सुरक्षा उपायों को निर्धारित किया गया है। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से लोगों को इस मामले पर आंदोलन नहीं करने की अपील की है।
बता दें कि गुरुवार को सरकार ने कहा था कि " शीर्ष अदालत के आदेश के खिलाफ न्यायिक समीक्षा दाखिल करने की वांछनीता को जांचने के बाद यह फैसला लिया जाएगा। हालांकि कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि कानून मामलों के विभाग को यह निर्देश दिया गया है कि " वे समीक्षा दर्ज करने की वांछनीयता पर विचार करें" और अपनी राय़ दें जिसके बाद सरकार की और से उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता और संवेदनशीलता को सरकार भलीभांति समझती है, और हम इस मुद्दे को लेकर व्यापक चिंतित हैं। हालांकि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गंभीरता से अध्ययन कर रही है और एससी और एसटी अधिनियम के संबंध में नए दिशा निर्देशों को भी ध्यान में रख रही हैं।
कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि " मैंने कानून मंत्रालय को पुनर्विचार याचिका दर्ज करने की वांछनीयता पर विचार करने के निर्देश दिये हैं। जिसके बाद से मंत्रालय द्वारा उचित निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि सरकार ने यह कदम दलितों के एक प्रतिनिधि मंडल के इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद लिया गया है।

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के लिए पुनरीक्षण याचिका पर विचार करेगी मोदी सरकार
क्या है एससी-एसटी अधिनियम
आपको बता दें कि एससी-एसटी अधिनियम 1989 के तहत किसी भी रुप में एससी-एसटी को प्रताड़ित किये जाने पर तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाता है। साथ ही अग्रिम जमानत भी नहीं मिलती है। लेकिन पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसके तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया था। साथ ही साथ एससी/एसटी ऐक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर हो गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सही तरीके से दलील पेश नहीं की।

ये भी पढ़ें

डूंगरपुर : रणछोडऱाय की निकली पालकी
Published on:
30 Mar 2018 07:03 pm
Also Read
View All
Surajpur Additional Collector: सूरजपुर अपर कलेक्टर के खिलाफ जांच शुरु, करोड़ों की जमीन सौदे में गड़बड़ी और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप

Farmer Died: तेज आंधी-बारिश में गिरा पुआल से भरा लकड़ी का मचान, दबकर मर गया नीचे बैठा किसान, नहीं मानी बात

Indian Railway News: बौरीडांड़ जंक्शन से सूरजपुर तक रेल लाइन दोहरीकरण, अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन समेत चलती हैं ये 6 गाडिय़ां, MCB के 9 गांवों की जमीन अधिग्रहित

Panchayat By-Election 2026: यहां 3 दिन में बिके मात्र 2 नामांकन फॉर्म, ज्यादा पंच निर्विरोध चुने जाने की उम्मीद

Commits Suicide: गर्मी में बंद पड़े स्कूल में महिला की फांसी पर लटकती मिली लाश, KYC कराने निकली थी घर से