Karnataka Govt से पूर्व CM Siddaramaiah ने ट्वीट कर की अपील। कहा- दो और महीनों के लिए स्कूल खोलना ( School opening ) उपयुक्त नहीं रहेगा। कई देशों में स्कूल खोलने के बाद ढेरों Students हो गए Coronavirus Infected
बेंगलूरु। कर्नाटक ( Karnataka ) में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ( CM Siddaramaiah ) ने गुरुवार को कहा कि वर्तमान में तेजी से फैलते कोरोना वायरस संक्रमण ( coronavirus infection in India ) को देखते हुए और दो महीनों के लिए स्कूलों ( schools reopen in july ) को फिर से खोलना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ( Karnataka Chief Minister BS Yediyurappa ) और प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को इस संबंध में जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेने की सलाह दी।
इस संबंध में सिद्धारमैया ( Siddaramaiah news ) ने ट्वीट कर लिखा, "जैसा कि राज्य में कोरोना संक्रमण बेतहाशा ढंग से फैल रहा है, कम से कम दो और महीनों के लिए स्कूल खोलना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री और सुरेश कुमार को जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।"
यह कहते हुए कि सुरेश कुमार ने जुलाई में स्कूलों को फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले चिंतित अभिभावकों पर ध्यान देना होगा।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "ब्रिटेन, फ्रांस और इटली जैसे देशों में स्कूलों को फिर से खोलने के बाद स्टूडेंट्स के कोरोना से संक्रमित होने के बारे में तमाम रिपोर्टें हैं। दो महीने के बाद के हालात का विश्लेषण करने के बाद स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में सोचना उचित है।"
राज्य सरकार ने COVID-19 लॉकडाउन मानदंडों में ढील के साथ, राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में माता-पिता और हितधारकों से राय मांगी है।
प्रदेश भर में अभिभावकों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं के बीच शिक्षा मंत्री ने बुधवार को आश्वासन दिया था कि सरकार स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में कोई जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेगी।
केंद्र सरकार ने अपने हालिया दिशा-निर्देशों में राज्य सरकारों को स्कूल-कॉलेज, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थानों के स्तर पर माता-पिता और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करने के लिए कहा था। इसके साथ ही कहा था कि प्रतिक्रिया के आधार पर उन्हें फिर से खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।