
नई दिल्ली। गुजरात में हालात बिगड़ रहे हैं। एक 14 माह की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को गुजरात से पलायन कर वापस लौटना पड़ रहा है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में जब यूपी-बिहार वालों को खदेड़ा जा रहा है, उस वक्त प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासन की बागडोर संभालने वाले 40 फीसदी आईएएस-आईपीएस भी इन्हीं दोनों राज्यों से हैं।
समूचे गुजरात में इस वक्त तैनात 40 आईएएस व आईपीएस अधिकारी उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं। गुजरात पुलिस के मौजूदा महानिदेशक यानी डीजीपी शिवानंद झा और गुजरात सरकार के मुख्य सचिव जेएन सिंह, दोनों ही बिहार से आते हैं। राज्य के कुल 243 आईएएस अधिकारियों में से 48 यूपी और बिहार के लोग हैं। जबकि प्रदेश में मौजूद 167 आईपीएस अफसरों में से 32 यूपी-बिहार से हैं। यानी प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक बागडोर संभालने वाले लोग भी उन्हीं राज्यों से हैं, जिनके लोग आज पलायन को मजबूर हैं।
कांग्रेसी नेता के धमकाने का वीडियो वायरल
गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से गुजरात में कामकाज करने वाले उत्तर भारतीय नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के निशाने पर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग हैं। इन्हें खुलेआम धमकाया जा रहा है। लोगों को मारा भी जा रहा है। पुलिस ने उत्तर भारतीयों को पलायन करने की धमकी देने वाले एक कांग्रेसी नेता मोहनजी ठाकोर नामक शख्स समेत चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। ठाकोर कांग्रेस के तहसील पंचायत के सदस्य हैं।
ठाकोर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वो यूपी-बिहार के लोगों को खुलेआम गुजरात छोड़ने की धमकी देते नजर आते हैं। वीडियो में ठाकोर कहता है कि 24 घंटे के भीतर गुजरात छोड़कर चले जाओ नहीं तो बुरा अंजाम हगा।
इसलिए फूटा लोगों का गुस्सा
दरअसल, बीते दिनों उत्तरी गुजरात स्थित साबरकांठा के हिम्मत नगर में 14 महीने की मासूम बच्ची जबकि सूरत में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदातें हुईं। इन दोनों ही घटनाओं में उत्तर भारतीयों के शामिल होने की बात सामने आई। इसके बाद पीड़िता के समुदाय से संबंधित व्यक्तियों ने कई गांवों और शहरों में बंद करा दिया। जबकि ठाकोर सेना ने साबरकांठा में कई जगह हिंसक प्रदर्शन भी किए।
अहमदाबाद में कई जगहों पर उत्तर भारतीयों पर हमले हुए। हमलावर विशेषरूप से फैक्ट्रियों और वेयर हाउस-गोदामों को निशाना बना रहे हैं। वैसे अब तक गुजरात के नौ जिलों में ऐसी घटनाएं हुई हैं। इनमें साबरकांठा के अलावा मेहसाणा, अहमदाबाद, अरावली, सुरेंद्र नगर, गांधी नगर, वडोदरा और आणंद जैसे इलाके शामिल हैं।