
यमुना नगर। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों मेें मेघा जमकर बरसे हैं। दिल्ली में गुरुवार सुबह से शुरू हुई बारिश लगातार दोपहर 12 बजे तक होती रही। मूसलाधार बारिश से जहां जगह-जगह जल भराव होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को जाम की समस्या ये जूझना पड़ा, वहीं कई नदियां भी उफान मारने लगी। हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हरियाणा के यमुना नगर जिले के हथनीकुंड बैराज में जलस्तर गुरुवार को खतरनाक रूप से बढ़ गया, जिससे अधिकारियों को चेतावनी जारी करनी पड़ी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि यमुना नदी से लगे गांवों के निवासियों को नदी के करीब नहीं जाने या अपने जानवरों को नहीं जाने देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत व सोनीपत जिलों के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है। हथनीकुंड बैराज में जलस्तर सुबह बढ़ गया। बता दें कि हथनीकुंड बैराज से नई दिल्ली को पीने के पानी की आपूर्ति होती है। यमुना नदी हरियाणा में यमुना नगर, करनाल व पानीपत जिलों से गुजरते हुए नई दिल्ली पहुंचती है।
बैराज से छोड़ा गया एक लाख 80 हजार क्यूसेक पानी
हथनीकुंड बैराज से एक लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज से छोड़ गया 44 हजार 38 करोड़ लीटर पानी अगले 72 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएगा। हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में प्रशासन ने निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
अगले दो दिन भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि हरियाणा के पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी। बता दें कि मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 25 जुलाई तक उत्तर पश्चिमी भारत में सामान्य बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश पश्चिम राजस्थान, पूर्व राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और केरल में हुई। वहीं सबसे कम बारिश पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और रायलसीमा में हुई।