कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान देशभर में जगह-जगह लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है
नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी ( Coronavirus Crisis ) से निपटने के लिए कोरोना वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination ) के राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत हो चुकी है। जिसके चलते देशभर में जगह-जगह लोगों को कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लगाई जा रही है। हालांकि कोरोना वैक्सीनेशन के पहले चरण में कोरोना वॉरियर्स यानी हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही कोरोना का टीका लगाया जाएगा। जिसके बाद कोरोना टीकाकरण अभियान का विस्तार करते हुए देश के प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन लगाई जानी है। गुरुवार को कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के छठे दिन तक 6.31 लाख कोरोना योद्धाओं को वैक्सीन दी जा चुकी है। इस बीच वैक्सीन के साइड इफेक्ट ( Corona Vaccine Side Effects ) की भी खबर सामने आई है।
देश में अब तक 600 लोगों में वैक्सीन के साइड इफेक्ट
जानकारी के अनुसार देश में अब तक 600 लोगों में वैक्सीन के साइड इफेक्ट देखने को मिला है। कुछ जगहों पर तो कोरोना वैक्सीन लगने से लोगों की मौत तक के मामले सामने आए हैंं। हालांकि अभी यह जांच का विषय बना हुआ है कि उनकी मौत के पीछे कोरोना वैक्सीन कारण रही या फिर कुछ और? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉॅ. हर्षवर्धन ने कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट पर बोलते हुए कहा कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। अभी तक वैक्सीन से साइड इफेक्ट के जो मामले सामने आए हैं, वो पूरी तरह से सामान्य हैं। सरकार की ओर से पहले ही वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट की जानकारी दी गई थी। हर वैक्सीन में इस तरह के मामूली साइड इफेक्ट दिखाई देते हैं।
वैक्सीन लगवाना जरूरी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना को अगर उखाड़ फेंकना है तो वैक्सीन लगवाना जरूरी है। हालांकि कुछ लोग इसको सियासी मुद्दा बनाते हुए राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि कुछ लोग वैक्सीन लगवाने से परहेज कर रहे हैं। हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार किसी के भी जीवन या सेहत से कोई समझोता नहीं कर सकती। इसलिए सबको कोरोना वैक्सीन लगवाना सुनिश्वित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार ने को-विन एप्लिकेशन को अपडेट किया
सरकार ने को-विन एप्लिकेशन को अपडेट किया है। इसके साथ ही सरकार ने टीकाकरण साइटों को मैन्युअल रूप से टीकाकरण अभ्यास से गुजरने वाले ऐसे लाभार्थियों को जोड़ने की अनुमति भी प्रदान की है, जिन्हें पहले ऐप बेतरतीब ढंग से (रेंडमली) चुनती थी। एप में नवीनतम सुधार से सरकारी अस्पतालों में होने वाले टीकाकरण में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो अपने टीकाकरण लक्ष्य की आधी संख्या तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।