दिल्ली में मादक पदार्थ सप्लाई करने वाली हाई प्रोफाइल महिला धरी गई। मांग आने पर पहले PayTM के जरिये एडवांस भुगतान ले लेती थी सप्लायर। दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी का अनोखा मामला।
नई दिल्ली। लॉकडाउन के बीच राजधानी दिल्ली में नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए तमाम अनोखे तरीके का इस्तेमाल और फर्जीवाड़ा करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। अब एक ताजा मामला वाट्सऐप ग्रुप के जरिये नशीले पदार्थों की सप्लाई करने का आया है, जिसमें एक हाई प्रोफाइल महिला को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो वाट्सऐप ग्रुप के जरिये मादक पदार्थों की बिक्री करती थी। पहले यह महिला पेटीएम के जरिये भुगतान लेती थी और फिर माल सप्लाई करती थी। इस महिला के ग्राहक होते थे राजधानी दिल्ली के बिगड़ैल रईसजादे।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस महिला के खिलाफ मुखर्जी नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। 45 वर्षीय यह हाई प्रोफाइल ड्रग सप्लायर महिला राजौरी गार्डन इलाके की रहने वाली है। इन नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए महिला ने बाकायदा एक वाट्सऐप ग्रुप भी बना रखा था।
इस वाट्सऐप ग्रुप में अधिकांश रईस परिवारों के नाबालिग बच्चे जुड़े हुए थे। पकड़ी गयी महिला ई-सिगरेट समेत आदि नशीले पदार्थ महंगी कीमतों पर बेचा करती थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान नशीली चीजों की स्मगलिंग का यह अपने आप में पहला अनोखा मामला पकड़ा गया है।
महिला को शनिवार को अदालत ने 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिला का पति व्यापारी है। वो एक्सपोर्ट का कारोबार करता है।
महिला को तब पकड़ा गया जब वह एक किशोर को नशीली सामग्री डिलीवर करने खुद पहुंची थी। इस बारे में पुलिस अब वाट्सऐप ग्रुप से जुड़े ग्राहकों से भी पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले ठगों ने दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग के नाम पर फर्जी वेबसाइट्स बनाकर शराब बेचना शुरू कर दिया था। इन फर्जी बेवसाइट्स ने ग्राहकों के घर तक भी होम-डिलीवरी शराब पहुंचाने का झांसा दिया। इस मामले की शिकायत दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल से लिखित में शिकायत की है।
दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग की शिकायत के मुताबिक, इन संदिग्ध वेबसाइट्स का प्रचार प्रसार सोशल मीडिया के जरिये किया जा रहा था। इन विज्ञापनों में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक सरकारी शराब की होम डिलीवरी का वायदा किया जा रहा था। अपने स्तर पर जब आबकारी विभाग ने छानबीन की, तो पता चला कि इन तमाम वेबसाइट्स का दिल्ली सरकार के आबकारी महकमे से दूर दूर तक कोई वास्ता ही नहीं है।