Union Ministry of Home Affairs ने दिल्ली में कोरोना की जांच के लिए शुरू की गई डोर टू डोर स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी Ministry of Home Affairs ने यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि स्क्रीनिंग की कार्रवाई प्राथमिकता से Containment Zone में की जा सके
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ( Union Ministry of Home Affairs ) ने दिल्ली में कोरोना ( Coronavirus in Delhi ) की जांच के लिए शुरू की गई डोर टू डोर स्क्रीनिंग ( Door-to-door survey ) पर रोक लगा दी है। इससे पहले दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) ने पूरे शहर में डोर-टू- डोर स्क्रीनिंग ( Door-to-door screening ) करने के लिए कहा था। इसके तहत छह जुलाई तक लगभग 35 लाख घरों की स्क्रीनिंग होनी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के लिए की जा रही डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि स्क्रीनिंग की कार्रवाई प्राथमिकता से कंटेनमेंट जोन ( Containment Zone) में की जा सके।
दिल्ली में कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग को लेकर दिल्ली सरकार ने हर जिले में 100 टीमें बनाई हैं। 11 जिलों में कुल 1100 टीमें डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कर रही हैं। ये टीम घर-घर जाकर सर्वे का काम करती हैं। छह जुलाई तक सर्वे की प्रक्रिया को पूरी की जानी थी। हर टीम एकत्र की गई सभी जानकारियां ऑनलाइन ऑन द स्पॉट भेजती हैं। सर्वे टीम द्वारा भेजी गई यह जानकारी दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद प्रदर्शित की जाएगी। इसके लिए एक विशेष एप भी तैयार किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब दिल्ली के हर इलाके में चल रही यह डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग को रोकने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए किया गया है, ताकि कंटेनमेंट जोन वाले इलाके को प्राथमिकता दिया जा सके। सोमवार शाम दिल्ली सरकार द्वारा जारी कोरोना बुलेटिन में कहा गया है, दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 435 हो चुकी है। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की कुल संख्या 85,161 हो गई है।
दरअसल, गृह मंत्रालय अब इन्हीं 435 कंटेनमेंट जोन पर फोकस करने की रणनीति बना रहा है। इसी रणनीति के अंतर्गत इन सभी 435 कंटेनमेंट जोन प्राथमिकता के आधार पर कोरोना की गहन जांच की जाएगी।