
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण ( Coronavirus in Delhi ) तेजी से फैल रहा है। दिल्ली सरकार के अनुसार जुलाई माह के अंत तक दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus in Delhi ) के साढ़े पांच लाख केस हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने अभी इसको 'कम्युनिटी स्प्रेड' ( Community spread ) नहीं माना है। मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल ( Lieutenant Governor Anil Baijal ) के आवास पर हुई बैठक में दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) के मंत्रियों, अधिकारियों और केंद्र सरकार ( Central government ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में कहा गया कि दिल्ली में अभी कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का कम्युनिटी स्प्रेड ( Community spread) नहीं हुआ है।
इस दौरान दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। एम्स के निदेशक ने भी कहा है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में कम्युनिटी स्प्रेड हुआ है। लेकिन केंद्र सरकार के अधिकारियों ने यह मानने से इनकार कर दिया कि दिल्ली में कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड हुआ है। इसलिए इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड हम तभी कह सकते हैं, जब केंद्र सरकार इस बात का ऐलान करे।"
कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड की शुरुआत तब मानी जाती है, जब यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कोई व्यक्ति किसके संपर्क में आने से संक्रमित हो गया। दिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली में आधे से ज्यादा संक्रमण के मामले ऐसे हैं, जिनमें संक्रमण होने के कारण का पता नहीं चल रहा है। दिल्ली में बीते 24 घंटे में में 3700 लोगों का कारोना टेस्ट हुआ। इनमें से 1007 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यानी कुल टेस्टिंग के लगभग 27 प्रतिशत लोग संक्रमित थे। यह आंकड़ा अन्य कई राज्यों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़कर 183 हो चुकी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मंगलवार को अपना कोरोना टेस्ट करवाया है। मुख्यमंत्री को बुखार और गले में खराश की शिकायत है, जिसको देखते हुए उनका कोरोना टेस्ट किया गया है। टेस्ट की रिपोर्ट मंगलवार देर शाम या फिर बुधवार सुबह तक आने की उम्मीद है।
क्या है कोरोना का कम्युनिटी स्प्रैड?
दरअसल, कोरोना वायरस की यह स्टेज सबसे घातक मानी जाती है। कम्युनिटी स्प्रैड उस स्थिति को कहा जाता है, जब संक्रमण के सोर्स का पता न चल पाए। इसका मतलब यह है कि जब किसी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति यह न पता चल पाए कि उसको संक्रमण कहां और किस व्यक्ति से हुआ है। ऐसे स्थिति को कम्युनिटी स्प्रैड माना जाता है।