दिल्ली में 26 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन की घोषणा के बाद शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus in Delhi ) के कहर के चलते 26 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन ( Lockdown in Delhi ) की घोषणा के बाद शहर में शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं। साउथ दिल्ली के शकरपुर, लक्ष्मी नगर, ईस्ट दिल्ली, नेहरू प्लेस और लाजपत नगर समेत कई इलाकों में वाइन शॉप ( Delhi Wine Shop ) के सामने लोगों की भारी भरकम भीड़ दिखाई पड़ रही है। शराब की दुकानों के आगे जहां लोगों की ये लाइन पूरी दिल्ली में देखीं जा रही हैं, वहीं इस दौरान कोरोना गाइडलाइंस ( Corona Guidelines ) की भी खूब धज्जियां उड़ रही है। वाइन शॉपकीपर लोगों से सोशल डिस्टेंशिंग आदी का पालन कराने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। माना जा रहा है कि अगर आने वाले दिनों में भी हालात ऐसे ही रहे तो मोर्चा संभालने के लिए दिल्ली पुलिस को आगे आना पड़ सकता है।
राजधानी में बड़ा कोरोना विस्फोट की संभावना
लोगों का तो यहां तक मानना है कि शराब की दुकानों पर जिस तरह से लोगों की भारी भरकम भीड़ दिखाई दे रही है, उससे राजधानी में बड़ा कोरोना विस्फोट होने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दरअसल, 21 अप्रैल यानी बुधवार को राम नवमी के चलते दिल्ली में ड्राइ डे रहेगा, जबकि आगे लॉकडाउन की वजह से शराब की दुकानें बंद रहेंगी। ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जैसे ही लॉकडाउन का ऐलान किया तो लोगों में शराब की खरीद को लेकर काफी आपाधापी देखी गई।
पुलिस को लाठी चार्ज तक सहारा लेना पड़ा
आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल दिल्ली में लंबे लॉकडाउन के बाद जब अनलॉक की घोषणा की गई तो शारब की दुकानों के आगे लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखीं गई थी। इस दौरान हालात इतने खराब हो चले थे कि कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज तक सहारा लेना पड़ा था।
एक्साइज पॉलिसी में बड़ा बदलाव
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। दिल्ली सरकार ने शराब का सेवन करने वाले लोगों की उम्र 21 साल कर दी है। हालांकि अभी तक यह नियम कानून लागी नहीं किया जा सका है। यही नहीं सरकार ने ऐलान किया है कि दिल्ली में शराब की दुकानें अब और नहीं बढ़ाई जाएंगी। दिल्ली में अभी तक कुल 850 दुकानें हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत तक सरकारी और अन्य सभी प्राइवेट हैं।