हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर उठ रहे सवाल शुक्रवार को आरोपियों का हुआ था एनकाउंटर
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि बदले की भावना से किया गया न्याय, न्याय नहीं है। आनन-फानन में न्याय नहीं होना चाहिए। पूरी जांच के बाद ही हम किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं। सीजेआई का यह बयान हैदराबाद में गैंगरेप आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर के बाद आया है। वे जोधपुर में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एनकाउंटर का मामला
दरअसल वकील जीए मणि और प्रदीप कुमार यादव ने हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वकीलों ने याचिका में पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कहा कि कहा कि इस मामले में 2014 के सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। इसमें सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त और उसी की निगरानी में एसआईटी जांच की भी मांग की गई है।
महिला डॉक्टर की गैंगरेप के बाद हत्या
गौरतल है कि 27 नवंबर की रात हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप कर शव को जला दिया गया। पूरे देश में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसके बाद 6 दिसंबर को पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। एनकाउंटर करने के बाद साइबराबाद के कमिश्नर वीसी सज्जनार ने कहा कि कानून ने अपना काम किया है । उन्होंने कहा कि हमें संदेह है कि आरोपी कर्नाटक में कई अन्य मामलों में भी शामिल थे, जिनकी जांच चल रही है।