
नई दिल्ली। इंदौर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM-I) ने भारत में विभिन्न उद्योगों, कर्मियों और औद्योगिक कार्यशैली पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर अध्ययन करने के लिए एक जर्मन निकाय के साथ हाथ मिलाया है।
आईआईएम इंदौर ने बताया कि कोरोना वायरस ने न केवल कई देशों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है, बल्कि आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी गंभीर प्रभाव डाला है। संस्थान अब इन व्यावसायिक क्षेत्रों के सामने आने वाली चुनौतियों और इससे निपटने के उनके तरीकों को लेकर एक व्याख्यान तैयार करेगा।
आईआईएम-इंदौर के निदेशक हिमांशु राय का कहना है कि यह एक समग्र प्रयास होगा। इसके जरिए ये समझने कीे कोशिश होगी कि महामारी के समय किस तरह के निर्णय लेने चाहिए। इसके साथ डेटा का विश्लेषण कर उसके गुणात्मक पहलू को समझने की कोशिश होगी। इसके साथ हेल्थ पॉलिसी पर फैसले लेने में आसानी होगी।
भारत-जर्मन सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के निदेशक निशांत जैन ने कहा कि "मुझे जर्मन संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय (बीएमजेड) और आईआईएम इंदौर का प्रतिनिधित्व करने वाले जीआईजेड के बीच COVID-19 से संबंधित साक्ष्य और ज्ञान उत्पन्न करने के लिए इस साझेदारी को शुरू करने में प्रसन्नता हो रही है। 'यह साझेदारी अंतर्दृष्टि विकसित करेगी जो न केवल नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होगी, बल्कि यह सभी के लिए उपयोगी होगी। पुस्तक लिखने के दौरान औद्योगिक क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों और की गई कार्रवाइयों और शोध पत्रों में औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारी का अनुभव का विवरण शामिल होगा।