आइआइटी बॉम्बे ने किया चूहों पर सफल प्रयोग
मुंबई. आइआइटी बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने कैंसर से निजात के लिए नई थेरेपी बनाई है। इसमें दो माइक्रोस्कोपिक (अति सूक्ष्म) बुलबुलों के माध्मम से दवा सीधे कैंसर के ट्यूमर में पहुंचाई जाएगी। इससे कीमोथेरेपी से होने वाले असहनीय दर्द से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही, कीमोथेरेपी के असर से स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं होगा। वैज्ञानिकों ने इसका परीक्षण चूहों पर किया है, जिसमें 100 प्रतिशत सकारात्मक नतीजे आए हैं। साइंटिफिक रिपोर्ट नामक मैग्जीन में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।
सेहतमंद कोशिकाओं को नहीं पहुंचता है नुकसान
आइआइटी-बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने ऐसे माइक्रोस्कोपिक बुलबुले बनाएं हैं जो दवाओं को स्वस्थ कोशिकाओं में भेजते हैं। इससे दवा सेहतमंद कोशिकाओं को प्रभावित किए बिना कैंसर के ट्यूमर तक पहुंच जाएगी। शोध का नेतृत्व करने वाली आइआइटी-बॉम्बे में जैव विज्ञान विभाग की शिक्षक रिंती बनर्जी के मुताबिक, हमारा शोध बीमारी की रीयल टाइम में निगरानी भी करेगा। शोध टीम का कहना है कि इसमें और सुधार के लिए दुनियाभर में प्रयोग हो रहे हैं। इलाज का यह तरीका कैंसर की सर्जरी से पहले इस्तेमाल की जाती है। इससे बड़े ट्यूमर को आसानी से निकाला जा सके।
30 फीसदी तक की कमी
कीमोथेरेपी में कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने के लिए दवा का प्रयोग किया जाता है। इन दवाओं से ट्यूमर सिकुड़ जाते हैं। इसके प्रभाव से कैंसर नहीं फैल पाता। कीमोथेरेपी करवाने से कैंसर दोबारा होने की दर 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है।