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CAA का विरोध जर्मनी छात्र को पड़ा भारी, आईआईटी मद्रास ने बीच पढ़ाई में वापस भेजा

IIT Madras का बड़ा फैसला जर्मनी से आए छात्र को वापस भेजने का लिया निर्णय CAA Protest में जैकब ने लिया था हिस्सा
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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) का विरोध करना विदेशी स्टूडेंट को भारी पड़ गया है। जी हां आईआईटी मद्रास ( IIT Madras ) ने स्‍टूडेंट एक्‍सचेंज प्रोग्राम के तहत पढ़ाई करने के लिए भारत आए जर्मन छात्र जैकब लिंडेंथल को अपने देश वापस जाने के लिए कहा है।

आपको बता दें कि जैकब ने सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इसकी वजह से कॉलेज प्रबंधन ने उसे वापस भेजने का निर्णय लिया है।

जैकब आईआईटी मद्रास में फिजिक्‍स से एमएससी कर रहे हैं। जैकोब ने पिछले सप्‍ताह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चेन्‍नै में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर प्रदर्शन भी किया था। खास बात यह है कि जैकब की एक सेमेस्टर की पढ़ाई आईआईटी मद्रास में बची हुई है। इसके चलते उन्हें 2020 के मई में वापस जाना था।

जैकब ने तुरंत लिया फैसला
आव्रजन विभाग और आईआईटी मद्रास की ओर से लिए गए फैसले के बाद जैकब सोमवार शाम को ही अपने देश जर्मनी रवाना हो गए।

वीजा नियमों का उल्लंघन
जैकब ने प्रदर्शन के चलते भारत छोड़ने के आदेश की पुष्टि की। जैकब के मुताबिक ये सही है। सभी बातें मौखिक रूप से कही गईं।

वहीं आव्रजन विभाग के मुताबिक एक विदेशी नागरिक की ओर से राजनीतिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन में हिस्‍सा लेना, वीजा नियमों का उल्‍लंघन है।

आपको बता दें कि पिछले सप्‍ताह चेन्‍नै के वल्‍लूवरकोट्टम में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक प्‍लेकार्ड हाथ में लिया था। इसमें यहूदियों पर नाजियों के अत्‍याचार की ओर इशारा किया गया था।

Published on:
24 Dec 2019 01:01 pm