
नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं पर आयकर विभाग ( Income Tax (I-T) Department ) ने छापेमार कार्रवाई की है। कर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी.परमेश्वर (former Deputy CM G Parameshwara ) और आर.एल.जलप्पा के बेंगलुरू व राज्य में दूसरे जगहों के परिसरों पर 100 से ज्यादा आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान चार से पांच करोड़ की नकदी 'जब्त' की है। सदाशिवनगर में परमेश्वर के आवास से कथित तौर पर करीब 70 लाख की नकदी जब्त की गई है।
टैक्स चोरी करने के मामले में कार्रवाई
मिली जानकारी के मुताबिक जी परमेश्वर और जलप्पा के 25 से 30 परिसरों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई टैक्स चोरी और आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में की गई है। बताया जा रहा है कि यह संपत्तियां दोनों नेताओं ने अपने संबंधियों व दोस्तों के साथ मिलकर शैक्षिक संस्थानों के संचालन से बनाई हैं।
तलाशी अभियान जारी तक कैश पुष्टि से इनकार
हालांकि, एक आयकर अधिकारी ने नकदी के जब्ती व दस्तावेजों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया, क्योंकि तलाशी अभियान जारी है । आयकर अधिकारी ने कहा कि कवायद पूरी होने तक व जब्त किए गए सामानों के मूल्य लगाए जाने तक हम उसका खुलासा नहीं कर सकते। हम अभियान के पूरा होने के बाद बयान जारी कर सकते हैं।
शैक्षणिक संस्थानों के जरिए गलत तरीके से संपत्ति बनाने का मामला
बता दें कि 68 साल के जी परमेश्वर राज्य की 14 महीने पुरानी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री थे और पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। परमेश्वर व जलप्पा (93) अपने परिवार व रिश्तेदातों के साथ उच्च शैक्षिक संस्थानों की शुरुआत की थी। इन संस्थानों में राज्य के दक्षिण पूर्व में मेडिकल, डेंटल व इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं। परमेश्वर व उनके परिवार द्वारा सिद्धार्थ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन का संचालन किया जाता है।
वहीं जलप्पा ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन है। इसमें चिक्काबलपुर व कोलार में देवराज उर्स इंजीनियरिंग एंड मेडिकल कॉलेज शामिल है। यह दोनों बेंगलुरू से 70-100 किमी पूर्व में स्थित हैं।