Terrorist attack को देखते हुए पिछले साल की तुलना में इस बार Red Fort के आसपास का सुरक्षा सेटअप अलग होगा। हाई-टेक तापमान मापक यंत्र, गैजेट्स, ऑक्सीमीटरों, ग्लॉक और एमपी-5 मशीनगनों से लैस Security forces और Delhi Police के जवान चौकसी करते दिखाई देंगे। Khalistani terrorist Gurpatwant Singh Pannu ने एक वीडियो जारी कर लाल किले पर हमला करने और खालिस्तानी झंडा फहराने वालों को ईनाम देने की घोषणा की।
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2020 ( Independence Day 2020 ) के मौके पर दिल्ली में आंतकी हमले ( Terrorist attack ) की खुफिया सूचना के बाद दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम काफी सख्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली ( Delhi ) के लिए अलर्ट ( Alert ) जारी कर दिय गया है। ताकि आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकें।
आगामी तीन दिनों में देश की राजधानी में संभावित आतंकी हमले के बारे में खुफिया जानकारी ( Intelligence input ) मिलने के बाद गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आतंकी वारदात की आशंका को देखते हुए इस बार लाल किले के आसपास का सुरक्षा सेटअप पिछले वर्षों से अलग होगा। हाई-टेक तापमान मापक यंत्र, गैजेट्स, ऑक्सीमीटरों, ग्लॉक और एमपी-5 मशीनगनों से लैस सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस के जवान इस बार चौकसी करते दिखाई देंगे।
खुफिया सूचना के मुताबिक अमरीका के आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ( Khalistani terrorist group Gurpatwant Singh Pannu ) के जस्टिस ग्रुप के बीच एक असाधारण गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इस खालिस्तानी आतंकी ग्रुप ने 14, 15 और 16 अगस्त को लाल किले पर हमला करने और खालिस्तानी झंडा फहराने वालों को सवा लाख डॉलर देने की घोषणा की है। गुरुवंत सिंह पन्नू की ओर से इस वादे को वीडियो जारी होने के बाद सुरक्ष अधिकारी यह मानकर चल रहे है कि 15 अगस्त के समारोह को बाधित करने के मकसद खालिस्तानी आतंकियों ने इस तरह की साजिश रची है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले ( Red Fort ) के आसपास सात-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इस योजना के तहत 15 अगस्त के दिन लाल किला मैदान में आने वाले आगंतुकों मौके पर तैनात सुरक्षा जांच के बाद ही अंदर प्रवेश करने देंगे।
वैसे भी इस बार कोरोना वायरस ( Coronavirus ) और सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) की वजह से आगंतुकों की संख्या सामान्य के एक तिहाई तक कम कर दिया गया है। सभी की स्वास्थ्य और सुरक्षा जांच के चरण से गुजरने की सलाह दी गई है। लाल किला स्थल में प्रवेश करने वालों के लिए चेहरे की मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।
सुरक्षा तैयारियों के तहत एक विशेष बूथ बनाया गया है जहां आगंतुकों का फेशियल स्कैन के लिए मास्क को हटाने के लिए कहा जाएगा। पुलिस ने आगंतुकों से अपील की है कि यदि वे पिछले दो सप्ताह में कोविद-19 ( Covid-19 ) के लक्षण दिखे हैं तो स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करने न आएं। किसी को भी अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस का एक बेड़ा स्टैंडबाय पर रखा गया है।
इस बार पहले की तरह 400 वीआईपी गेस्ट के बजाय लाल किले के प्राचीर के सामने केवल 110 मेहमानों के लिए सीटें लगाई जाएंगी। प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से कम से कम मीटर भर की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की गई है। इस बार 3,600 स्कूली छात्रों के बैठने वाले फोरकोर्ट पर 500 एनसीसी कैडेट होंगे।
फोटोजर्नलिस्टों को भी इस बार वीवीआईपी गैलरी के करीब तक जाने के लिए स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा। केवल सरकार द्वारा जारी पास वाले एजेंसियों के पत्रकारों को प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पास तक पहुंचने की अनुमति होगी।
बता दें कि गुरुवार सुबह से ही लाल किले पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा लगाया दिया गया है। ऐतिहासिक किले के चारों ओर दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के 20,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। लाल किला के आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले की चेहरे की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक लैस 500 कैमरों को निगरानी के लिए लगाया गया है।