
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों करने की नीति का असर अब दिखने लगा है। भारत की इस नीति का सबसे पहले बांग्लादेश ने लाभ उठाया है। इसी का नतीजा है कि शेख हसीना सरकार के सहयोग से दोनों देश के बीच पहली बार इनलैंड वाटरवे यानि नदी मार्ग से कारोबार शुरू हो गया है। इसे पड़ोसी देशों के साथ इनलैंड वाटरवे का नायाब उदाहरण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह वाटरवे भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और समृद्धि के लिए नया प्रतिमान बनेगा।
6 या 7 नवंबर को करीमगंज पहुंचेगा पहला शिप
बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग के मुताबिक नदी के रास्ते बांग्लादेश के प्रीमियर सीमेंट से पहला व्यावसायिक शिप असम के लिए रवाना हो गया है। एमवी प्रीमियर नाम की यह शिप 6 या 7 नवंबर को करीमगंज पहुंचने की उम्मीद है।
बता दें कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। 2013 में दोनों के बीच कारोबार 6 अरब डॉलर से बढ़कर 2018 में 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। 2020 में इसके बढ़कर 15 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है।