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साबरमती से देश की पहली एलएनजी ड्युल फ्यूल ट्रेन दौड़ी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी

समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि साबरमती से देश की पहली एलएनजी ड्युल फ्यूल ट्रेन का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कल्याणकारी कदम सिद्ध होगा। साबरमती में रेलवे की बहुत सारी परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जो पर्यावरण, जन सुविधा और रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी जैसे सभी प्रयोगों को जमीन पर उतारने की शुरुआत साबरमती से ही हुई थी।
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Country's first LNG dual-fuel train flagged off from Sabarmati by Union Home Minister Amit Shah

साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी ड्युल फ्यूल ट्रेन के शुभारंभ पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।

अहमदाबाद. शहर के साबरमती रेलवे स्टेशन से रविवार को देश की पहली एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) संचालित ड्युल फ्यूल ट्रेन दौड़ी।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने गुजरात को 1542 करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट की सौगात भी दी। इनमें रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए शुरू किए जा रहे डब्ल्यूएजी-12 मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन भी शामिल है। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि साबरमती से देश की पहली एलएनजी ड्युल फ्यूल ट्रेन का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कल्याणकारी कदम सिद्ध होगा। साबरमती में रेलवे की बहुत सारी परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जो पर्यावरण, जन सुविधा और रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी जैसे सभी प्रयोगों को जमीन पर उतारने की शुरुआत साबरमती से ही हुई थी।

कभी रिक्शा लेने को भी दो किमी चलना पड़ता था

उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में साबरमती से रिक्शा लेने के लिए भी दो किलोमीटर चल कर जाना पड़ता था। लेकिन अब रेल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी की दृष्टि से साबरमती रेलवे स्टेशन में आमूलचूल बदलाव आए हैं।

इंजन के रखरखाव के लिए डब्ल्यूएजी-12 मेंटेनेंस शेड

उन्होंने कहा कि 700 करोड़ रुपए की लागत से यहां रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए डब्ल्यूएजी-12 मेंटेनेंस शेड बना है। साबरमती-साणंद-भांडू मोटीदाऊ एवं साबरमती-कलोल-जखवाड़ा रेलखंड पर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली शुरू हुई है। साबरमती-सरखेज रेल लाइन का दोहरीकरण, अहमदाबाद-पालनपुर एवं अहमदाबाद-सामखियाली रेलखंड पर कवच प्रणाली भी शुरू हुई है।

600 ट्रकों जितना माल खींच सकता है

शाह ने कहा कि आज 12000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाले एक ऐसे इंजन की शुरुआत हुई है, जो अकेले ही डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल 4 माल गाड़ियों के समान 600 ट्रकों जितना माल खींच सकता है। पहले दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक ही डब्ल्यूएजी-12 यह काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह देश को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचाएगा।

कांग्रेस पर साधा निशाना

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले रेलवे में विद्युतीकरण केवल 30 प्रतिशत था, शेष लगभग 70 प्रतिशत उनके कार्यकाल में हुआ। मोदी सरकार में रेलवे सुरक्षा बजट में 67 प्रतिशत और लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का कॉन्सेप्ट लॉन्च किया। इसी का परिणाम है कि अब देश में ही इंजन जैसे उपकरणों का निर्माण बहुत हद तक संभव हो सका है। 2015-16 में रेलवे 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग करता था, 2024-25 में यह घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया है ।

भारत 100% रेल लाइनों का विद्युतीकरण हासिल करेगा

शाह ने कहा कि 2010-11 में साल भर में रेल लाइनों का विद्युतीकरण केवल 75 किलोमीटर होता था, 2023-24 में एक ही वर्ष में 7,188 किलोमीटर विद्युतीकरण हुआ। रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, बचे हुए 0.4 प्रतिशत को जल्द पूरा करेंगे। चीन में रेलवे का 92 प्रतिशत, स्पेन में 68, फ्रांस में 60 और ब्रिटेन जैसे छोटे देश में 49 फीसदी विद्युतीकरण हुआ है। दुनिया में केवल स्वीडन में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ है, लेकिन स्वीडन और भारत की रेल लाइन में लगभग 10 गुना अंतर है।

मोदी पर 12 वर्षों में भ्रष्टाचार का आरोप नहीं

शाह ने कहा कि पीएम मोदी पर 12 वर्षों में चार आने के भी भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया। जबकि विपक्षी दलों के कार्यकाल में 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ के घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।