
मुख्य सचिव मनोज कुमार दास
गुजरात सरकार ने आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के मद्देनजर राज्य में निवेश प्रस्तावों की समीक्षा और बाधाओं की पहचान के लिए सभी विभागों को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव एम. के. दास ने सभी विभागों के सचिवों को यह आदेश दिए हैं।
अर्थव्यवस्था में 20 गुना वृद्धि का दावा
मुख्य सचिव ने कहा है कि बीते 20 वर्षों में गुजरात की अर्थव्यवस्था रुपए के लिहाज से करीब 20 गुना बढ़ी है। राज्य प्रशासन की 8 से 10 लाख कर्मचारियों की टीम सहयोगी भूमिका निभा रही है, जबकि स्थायी रोजगार सृजन और निवेश मुख्य रूप से निजी क्षेत्र से संचालित है। प्रत्येक विभाग को निवेश प्रस्तावों, औपचारिक अभिरुचि पत्रों, अंतिम स्वीकृति एवं वैधानिक मंजूरी वाले मामलों का ब्यौरा देने के लिए कहा गया है। भूमि, जल, बिजली और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ीअड़चनों की भी जानकारी मांगी गई है।
बाधाओं की पहचान और समाधान की रणनीति
मुख्य सचिव ने कहा कि हमारा फोकस उच्च मूल्य निवेश आकर्षित करने, नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे परियोजनाओं में आ रही बाधाओं जैसे भूमि, उपयोगिताओं, अनुमतियों और आधारभूत संरचना से संबंधित समस्याओं का विवरण दें। लंबित मामलों के कारण और उनके समाधान के लिए विशेष कार्य योजना भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा है कि हमारा वैश्विक संपर्क निवेशकों की रुचि तो आकर्षित कर रहा है, लेकिन जरूरी है कि निवेशकों को समान रूप से त्वरित और संस्थागत सहयोग भी मिले। जिन मामलों में स्वीकृति दी जा चुकी है और निवेश कार्यान्वयन की दिशा में बढ़ चुका है, उन्हें भी प्रमुखता से दर्शाया जाए। यह कवायद गुजरात की प्रतिस्पर्धात्मकता, निवेश प्रवाह एवं रोजगार सृजन को बनाए रखने की रणनीति के तहत की जा रही है।
Updated on:
26 Sept 2026 09:48 pm
Published on:
26 Sept 2026 09:30 pm
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