
नई दिल्ली। भारत इस हफ्ते के अंत में अपने सबसे शक्तिशाली परमाणु प्रतिरोधक मिसाइल का परीक्षण करेगा। के-4 मिसाइल 3,500 किमी तक मार करने की क्षमता वाली मिसाइल है जो अरिहंत क्लास परमाणु पनडुब्बी के लिए डिजाइन की गई है।
भारत के-4 परमाणु मिसाइल का परीक्षण इस हफ्ते के आखिर में बंगाल की खाड़ी में होगा। इस परीक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस परीक्षण के जरिए भारत परमाणु हमले की सूरत में अपने जवाबी हमले की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
जानकारी के मुताबिक सबमरीन से लॉन्च हो सकने वाली K-4 न्यूक्लियर मिसाइल का परीक्षण पूर्वी तट से होगा। बशर्ते मौसम सही रहे। यह 3,500 किमी तक मार करने की क्षमता वाली मिसाइल अरिहंत क्लास परमाणु पनडुब्बी के लिए डिजाइन की गई है।
डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के डिवेलपमेंटल ट्रायल के हिस्से के तौर पर इसका अंडरवॉटर पंटून से परीक्षण किया जाएगा।
यह परीक्षण परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल के संचालन की दिशा में अहम पड़ाव होगा। इससे नवंबर की शुरुआत में इसका ट्रायल करने की योजना थी, लेकिन उसे पूर्वी तट पर बुलबुल चक्रवात आने की वजह से रद्द कर दिया गया था।
K-4 के अंतिम परीक्षण की कोशिश 2017 में की गई थी और इसके डिवेलपमेंट प्रोसेस में तेजी लाने की अपील की गई थी। यह देखते हुए कि देश की दूसरी परमाणु पनडुब्बी INS अरिघात का काम पूरा होने वाला है और यह जल्द ही ट्रायल के लिए तैयार हो जाएगी।