सेना की ओर से यह कदम सिविल सेवाओं की तर्ज पर करियर की बेहतर संभावनाओं के लिए उठाया जा रहा है।
नई दिल्ली। भारतीय सेना में बड़ा बदलाव होने को है। सेना आॅफिसर कैडर में तब्दीली करने जा रही है। जानकारी के अनुसार सेना अपनी आॅफिसर रैंक में कटौती कर ब्रिगेडियर का पद खत्म कर सकती है। दरअसल, सेना की ओर से यह कदम सिविल सेवाओं की तर्ज पर करियर की बेहतर संभावनाओं के लिए उठाया जा रहा है। आपको बता दें सेना में इस तरह का बदलाव 35 साल बाद किया जा रहा है।
सेना के एक सीनियर आॅफिसर के मुताबिक आर्म्ड फॉर्सेस लंबे समय से अपने पुराने ढांचे पर चली आ रही है, जबकि सिविल सर्विस में भी 6 पदों की व्यवस्था की गई है। आॅफिसर ने बताया कि सेना में ब्रिगेडियर रैंक हटाने को हटाने का प्रस्ताव आया है। अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले इस प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा की जाएगी। आपको बता दें कि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने जून 2018 में ऑफिसर कैडर में बदलाव के लिए एक एक समिति का गठन किया था। इस कमेटी को नवंबर माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करनी है।
सेना सूत्रों के अनुसार ब्रिगेड कमांडर का पद वरिष्ठता में सिविल सर्विस में आईजी से ऊपर होता है। लेकिन ब्रिगेडियर से ज्यादा पे-ग्रेड आईजी पुलिस से कम होता है। यही कारण है कि सेना की आॅफिसर रैंक में बदलाव कर इस तरह के फर्क को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। आपको बता दें कि सिविल सर्विस में आने वाले आॅफिसर 18 सालों के सर्विस टाइम में संयुक्त सचिव तक बन जाते हैं, जबकि सेना में उसक समान लेवल पाने के लिए 32-33 साल का समय लग जाता है।