
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने एक ट्वीट किया है, जिसने 'हिममानव' के अस्तित्व को लेकर अक्सर होने वाली चर्चा को गर्मा दिया है। सेना ने अपने ट्वीट में जानकारी दी है कि 9 अप्रैल 2019 के दिन भारतीय सेना के एक पर्वतारोही अभियान में शामिल सदस्यों को मकालू बेस कैंप पर येती (हिम मानव) के पैरों के निशान मिले थे। बेहद बड़े आकार के ये पैरों के निशान 3500 मीटर की ऊंचाई पर मिलने की बात सेना के ट्वीट में कही गई है। हिमालयी क्षेत्रों में हिममानव के होने की बात कही जाती रही है, हालांकि किसी के उसे देखने के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। सेना को पैरों के जो निशान मिले हैं, उनका आकार करीब 32 x 15 इंच है।
पहले भी किए जाते रहे हैं हिममानव देखने के दावे
भारतीय सेना के पर्वतारोही दल से पहले भी कई बार येती को देखने के दावे किए जा चुके हैं। कुछ साल पहले कुछ बौद्ध भिक्षुओं ने भी लद्दाख के पास हिममानव को देखने का दावा किया था। उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ों पर भी येती को देखने के दावे किए जाते रहे हैं।
हिममानव को अस्तित्व को स्वीकार नहीं करते वैज्ञानिक
हिममानव के पैरों के निशान वाले सेना के ट्वीट को देखकर ट्वीटर पर कुछ लोगों ने इसे मजाक समझ लिया, कुछ लोगों ने सवाल किया कि अगर येती होते हैं, तो सिर्फ एक पैर का निशान मौजूद क्यों है? हिममानव के अस्तित्व को वैज्ञानिक स्वीकार नहीं करते। वे इसे हिमालय में पाए जाने वाले भालुओं की ही एक प्रजाति मानते हैं।