India China Violent Clash बगैर हथियार बात करने गए Indian Soldiers को मिला धोखा Chinese Soldiers ने बॉल्डर, पत्थर और कंटीले तारों से किया हमला LAC पर India Army High Alert, अब भी जारी है तनाव, जारी होंगे शहीद जवानों के नाम
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच ( India China Violent Clash ) पूर्वी लद्दाख ( Ladakh ) में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर चल रही तनातनी अब भी जारी है। लगातार बैठकों के जरिये इस मामले को बातचीत से सुलझाने की कोशिशें अब तक कोई रंग नहीं ला पाई है। दो दिन में भारत ने भी लगातार उच्च स्तरीय बैठकों के जरिये चीन ( China ) को माकूल जवाब देने की रणनीति तैयार की है। हालांकि इसको लेकर आधिकारिक रूप से अब तक कुछ सामने नहीं आया है।
फिलहाल सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। लद्दाख के साथ-साथ एलएसी के दूसरे हिस्सों में भी सेना अलर्ट ( Indian Army on alert ) मोड में आ गई है।
वहीं भारतीय सेना ( Indian Army ) की ओर से बुधवार को शहीद हुए 20 जवानों के नाम की सूची भी जारी की जानी है। आईए आपको बता दें कि कि आखिर भारत चीन के बीच चल रहा तनाव कैसे हिंसक झड़प में बदला और फिर किया चीन ने भारतीय सैनिकों को किस तरह बड़ा धोखा दिया...
देश में अमन के लिए भारत के इस सपूत ने हंसते हुए दे दिया बलिदान, हर कोई शहादत को कर रहा है सलाम
ऐसे हुई शुरुआत
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से चल रहे तनाव के बीच भारत सैनिकों का दल कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू ( Colonel Santosh Babu ) की अगुवाई में चीनी कैंप ( Chinese Camp ) में गया था।
खास बात यह है कि सुलह और नेक इरादे से गए भारतीय दल के पास इस दौरान कोई हथियार भी नहीं था। भारतीय दल चीनी सैनिकों के पीछे हटने को लेकर बनी सहमति पर बात करने गया था।
लेकिन, वहां भारतीय सैनिकों को चीनी सैनिकों से बड़ा धोखा मिला। बातचीत करने गए भारतीय सैनिकों पर चीनी सैनिकों ने बॉल्डर, पत्थर, कंटीले तारों और कील लगे डंडों से हमला बोल दिया।
इस हमले के कारण कमांडिग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू और दो जवान मौके पर शहीद हो गए। वहीं कई जवान इस झड़प में बुरी तरह जख्मी हो गए।
नीचे उफनती नदी, शून्य से भी कम तापमान
चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों झड़प जिस जगह पर हुई उसके ठीक नीचे उफनती हुई श्योक नदी बहती है। कई सैनिकों के नदी में बहने की भी जानकारी मिली है।
वहीं कई जख्मी सैनिक इलाके में शून्य से कम तापमान की वजह से अपने जख्मों से उबर नहीं पाए और शहीद हो गए। भारत की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, 20 जवान शहीद हुए हैं।