17 साल पुराने इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सीबीआई कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों ने आईबी के इनपुट पर वही किया जो उन्हें करना चाहिए था।
नई दिल्ली। गुजरात इशरजत जहां एनकाउंटर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की अदालब ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। सीबीआई कोर्ट ने इशरत जहां एनकाउंटर को फर्जी मानने से साफतौर पर इनकार कर दिया है। इस मामले में आज सीबीआई ने अंतिम तीन आरोपी अधिकारियों को भी बरी कर दिया है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने जिन आखिरी तीन आरोपी को बरी किया है उनके नाम तरुण बारोट, जीएल सिंघल ए चौधरी का नाम शामिल है। सीबीआई कोर्ट ने तीन अधिकारियों को बरी करते हुए कहा है कि खुफिया रिपोर्ट को फर्जी नहीं कहा जा सकता है। खुफिया रिपोर्ट पर संबंधित एजेंसी को जरूरी कदम उठाते हैं।
इस मामले में तीनों अधिकारियों ने आरोपों से मुक्त करने की अर्जी लगाई थी। इससे पहले तत्कालीन महानिदेशक पीपी पांडे, तत्कालीन डीआईजी डीजी वंजारा व तत्कालीन पुलिस उपायुक्त एनके अमीन को भी आरोपों से मुक्त कर दिया था। अदालत ने कहा कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी जीएल सिंघल, तरुण बारोट व अनाजों चौधरी ने आईबी से मिले इनपुट के आधार पर कार्यवाही की जैसा उन्हें करना चाहिए था। बता दें कि इशरत जहां एनकाउंटर 2004 में हुआ था।