
नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में मारे गए अपने भतीजे तल्हा राशीद की मौत से जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर बौखलाया हुआ है। ऐसे में वो देश के राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। इसमें आतंकी संगठन लश्कर जैश की मदद कर रहा है।
एक अंग्रेजी अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आतंकी संगठन जैश एक बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में है। इसके लिए उसने एक स्पेशल टीम भी बनाई है।
कौन है निशाने पर?
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री उसके निशाने पर हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक जैश के निशाने पर ऐसे नेता हैं जो कम सिक्योरिटी के साथ चलते हैं।
किसको मिली है हमले की जिम्मेदारी?
मसूद अजहर ने इस हमले की जिम्मेदारी बांग्लादेश कैडर्स को दी है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि इन आतंकियों ने सीमा पार कर भारत में प्रवेश कर लिया है। जिस वजह से सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
भतीजे की मौत के बाद दी थी धमकी
आपको बता दें कि नवंबर के पहले हफ्ते में सेना ने कश्मीर में तीन आतंकियों को ढेर किया था। इसमें जैश सरगना मसूद अजहर का भतीजा भी था। जैश ने अपनी धमकी में कहा था कि भारतीय सेना को इसका परिणाम भुगतना होगा और वो दिन दूर नहीं जब सेना को घाटी से जाना होगा। जैश की धमकी पर भारतीय सेना प्रमुख ने कहा था कि हमें फर्क नहीं पड़ता कि मारा गया आतंकी मजूद का भतीजा था या फिर कोई और। हम आतंकियों के सफाए में लगे हुए हैं और उनका खात्मा करते रहेंगे।