
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में हुई हिंसा के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के एक स्टूडेंट आसिफ इकबाल तन्हा (Asif Iqbal Tanha) को गिरफ्तार किया है। तनहा को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 31 मई तक के लिए रिमांड पर भेज दिया है। आसिफ स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन का भी सदस्य है।
जानकारी के मुताबिक, आसिफ इकबाल तन्हा जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी का प्रमुख सदस्य है। इसे उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर और सफुरा जर्गर का करीबी सहयोगी माना जाता है। आसिफ ने दिसंबर 2019 में जामिया में CAA के विरोध में हुए प्रदर्शन के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
देश भर में हुआ था विरोध
बता दें कि CAA (संशोधित नागरिकता कानून) का पूरे देश में जगह-जगह विरोध हुआ था। लोग सड़कों पर उतर आए थे। वहीं दूसरी ओर इसके पक्ष में भी लोग सड़कों पर उतरकर लोगों को समझा रहे थे। इस कानून के तहत के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण देश में शरण मांगने वाले हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता देने की अनुमति दी जाएगी। जो लोग 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में प्रवेश कर चुके थे, वे भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यह था विरोध का कारण
इस कानून का विरोध करने वालों का कहना है कि इस कानून में मुसलमानों के साथ भेदभाव किया गया है। इसमें केवल गैर-मुस्लिम लोगों को ही भारत की नागरिकता देने की बात कही गई है। इस कानून से संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होता है।