जम्मू एवं कश्मीर में सियासी हलचल तेज 35 हजार अतिरिक्त जवान की तैनाती राज्यपाल के आवास पर आपात बैठक
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( jammu kashmir ) में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद कर दिया गया है। वहीं घाटी में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है। घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
पर्यटकों को आज खाली करने के निर्देश
मोबाइल, इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एडवाइजरी जारी कर अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी थी। साथ ही यात्रियों और पर्यटकों से कश्मीर खाली करने के निर्देश दिए थे। वायुसेना के विमानों के जरिए लोगों को वहां से बाहर निकाला जा रहा है।
बता दें कि रविवार रात करीब 8 बजे सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ( National Conference leader Farooq Abdullah ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कश्मीर में इस वक्त बुरा हाल है। राज्य में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। आज तक अमरनाथ यात्रा नहीं रोकी गई थी। कश्मीर में फोर्स की तैनाती से भय का माहौल बना हुआ है। घाटी के लोग घबराए हुए हैं।
लोग शांति और सब्र बनाए रखें-
फारूक अब्दुल्ला लोग शांति और सब्र बनाए रखें। जल्द ही सब ठीक होगा। उन्होंने भारत पाकिस्तान से तनाव बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाने की अपील की है। अब्दुल्ला ने कहा कि मैं दोनों देशों से अपील करता हूं कि ऐसा कोई कदम ना उठाए जिससे कश्मीर को नुकसान हों।
होटल मालिकों से होटल खाली कराने का आदेश
गौरतलब है कि तीन दिन से घाटी में कड़ी सुरक्षा के बीच पर्यटकों को भी लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। पर्यटकों से सोमवार तक कश्मीर छोड़ने को कहा गया है। वहीं सैटेलाइट डायरेक्ट्री ने सभी जिला अधिकारियों को सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराया है। डीसी, एडीसी, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को सैटेलाइट फोन मुहैया कराया गया है। वहीं श्रीनगर के सीडी अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ने अपने स्टाफ के लिए कर्फ्यू पास की भी व्यवस्था की है।
आपको बता दें कि कश्मीर के हालात पर लगातार केंद्र भी नजर बनाए हुए है। रविवार को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता ( Home Minister Amit Shah ) में संसद में अहम बैठक की गई। बैठक में खास तौर पर घाटी में चल रही कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।