राज्यपाल ने कहा कि जिन आतंकवादियों ने निहत्थे पुलिसकर्मियों की हत्या की है, वे जल्द ही सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों की गिरफ्त में होगें तथा उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहले बीएसफ जवान की बर्बर तरीके से हुई हत्या और उसके बाद तीन पुलिसकर्मियों की हत्या को लेकर देशभर में गुस्सा है। यही वजह है कि भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ न्यूयॉर्क में होने वाली बैठक भी रद्द कर दी है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने शुक्रवार को कहा कि ये हरकत बताती है कि आतंकी हताश हैं। हत्यारों से जल्दी ही कड़ाई से निपटा जाएगा। आतंकवादी पुलिस बल का मनोबल नहीं तोड़ पाएंगे और पुलिस आतंकवाद से हर मोर्चे पर निपटेगी।
जल्द पकड़े जाएंगे निहत्थे पुलिसकर्मियों की हत्या के हत्यारे
मलिक ने कहा कि ऐसे कृत्यों को तूल नहीं दिया जाए। सुरक्षा बलों ने हाल ही में 20 आतंकवादियों को मारा है और यह घटना आतंकवादियों की हताशा दर्शाती है। राज्यपाल ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों में एक रेलवे से जुड़ा था जबकि एक अन्य विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) था जिसका घाटी में घेराबंदी और तलाश अभियान से कोई लेना देना नहीं था। मलिक ने कहा कि राज्य की पुलिस आतंकवाद से निपटने में सक्रिय भागीदारी कर रही है इसलिए आतंकवादी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की कोशिश में है। राज्यपाल ने कहा कि जिन आतंकवादियों ने निहत्थे पुलिसकर्मियों की हत्या की है, वे जल्द ही सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों की गिरफ्त में होगें तथा उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।
शुक्रवार को आतंकियों ने की 3 पुलिसवालों की निर्मम हत्या
शोपियां जिले में शुक्रवार को आतंकवादियों ने तीन पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया और इसके कुछ ही घंटों बाद गोली मारकर तीनों की हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि एक गांव से सुबह गोलियों से छलनी तीनों शव बरामद किए गए। अपराधियों की तलाश की जा रही है। मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान फिरदौस अहमद कुचई, निसार अहमद धाबी और कुलदीप सिंह के रूप में की गई है। एसपीओ पुलिस बल की सबसे निचली श्रेणी है। इस हादसे से पहले आतंकवादियों ने कुछ मस्जिदों से घोषणा कर पुलिसकर्मियों से अपनी नौकरी छोड़ने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस ने कहा कि एक पुलिसकर्मी के भाई सहित चार लोगों को गुरुवार रात शोपियां स्थित उनके घरों से अगवा किया गया था। स्थानीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, हिजबुल ने अपहरण और हत्या की इस घटना की जिम्मेदारी ली है।