
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पास एक गांव में तेंदुए और एक शख्स की भिंड़त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 60 वर्षीय शख्स एक 75 साल के वृद्ध का बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस शख्स ने न केवल वृद्ध को तंदुए के जबड़े से छुडाया, बल्कि बहादुरी दिखाकर गांव का हीरों भी बन गया। यही नहीं उसकी ही सहायता से वन कर्मियों ने तेंदुए को पिंजड़े में भी कैद कर लिया।
कमरे में घुसा तेंदुआ
दरअसल, घटना शुक्रवार आधी राहत की है। बेंगलुरु के पास बेलिकोटनुर गांव निवासी जगदीश खेतीबाड़ी करती हैं। इसके साथ ही जगदीश ने खेती कार्य में सहायता के लिए 75 वर्षीय थमैया को भी अपने साथ ही रख रखा है। जानकारी के अनुसार घटना की रात थमैया अपने कमरे की कुंडी लगाए बिना ही सो गए। तभी पास के जंगल से होते हुए एक तेंदुआ थमैया के कमरे में घुस गया और उन पर हमला बोल दिया। इस पर बुरी तरह से घबराए थमैयार ने तेज-तेज चीखना शुरू कर दिया। इस पर जगदीश ने कमरे में किसी सांप आदि होने की बात समझी और हाथ में डंडा और टोर्च लेकर कमरे में घुस गए। जब जगदीश ने अंदर हाल देखा तो उनके पैरों से जमीन खिसक गई। जगदीश ने देखा कि कमरे में थमैया खून से लथपथ पड़े थे। यहां तक कि अब थमैया ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे।
दहाड़ मारते हुए जगे गांव वाले
तभी जगदीश के सामने जैसे ही तेंदुआ आया तो उनके होश होड़ गए। जगदीश के अनुसार तेंदुआ बिना आवाज किए उनकी ओर घूर रहा था। तभी उसने दहाड़ना शुरू कर दिया। जैसे ही तेंदुए ने जगदीश पर झपटा मारा, तो उन्होंने उसे डंडे से पीछे धकेलते हुए बाहर से कमरे की कुंडी लगा दी। इतने में तेंदुए की दहाड़ सुनकर गांव वाले भी जाग गए और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने गांव वालों की मदद से तेंदुए को पिंजड़े में कैद कर लिया और घायल थमैया को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार अब थमैया की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।