Corona report की सूचना के बाद से प्रशासनिक अधिकारी की बढ़ी बेचैनी। Public Instruction Department के आधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी इस बात की सूचना। प्रशासनिक अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि 19 अन्य छात्रों को परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाए या नहीं।
नई दिल्ली। कर्नाटक में कोरोना वायरस ( Coronaviru Pandemic ) का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें अधिकारियों की लापरवाही से एक छात्र इलाज जारी होने के बावजूद 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुआ। दूसरा पेपर लिखने के बाद छात्र की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव ( Corona Test Positive ) आई। इस बात की सूचना मिलने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
खास बात यह है कि केंद्र पर कोरोना पॉजिटिव छात्र के साथ कमरे में सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) के हिसाब से 19 अन्य छात्र भी परीक्षा दे रहे थे। अब उनके भविष्य पर खतरा मंडरा गया है। प्रशासनिक अधिकारी ( Administrative Officer ) इस बात पर विचार कर रहे हैं कि 19 अन्य छात्रों को परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाए या नहीं।
यह मामला कर्नाटक के हासन जिले से जुड़ा है। कर्नाटक के लोक इंस्ट्रक्शन विभाग ( Public Instruction Department of Karnataka ) के आधिकारियों ने बताया है कि छात्र हसन जिले के एक केंद्र पर गणित की परीक्षा ( Maths Exam ) दे रहे थे जब अधिकारियों को स्थिति के बारे में बताया गया। बताया जा रहा है कि वह छात्र शनिवार को भी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उपस्थित हुआ था, जिसके बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
पहले उसका डेंगू का इलाज ( Dengue Treatment ) चल रहा था और इसी दौरान उसका कोरोना टेस्ट भी कराया गया था। कोरोना टेस्ट के छात्र को पॉजिटिव पाया गया। प्रशासन अब उन लोगों की पहचान कर रहा है जो उस छात्र के संपर्क में आए हैं, ताकि उन्हें क्वारंटाइन ( Quarantine ) किया जा सके।
आपको बता दें कि कर्नाटक में 25 जून से सेकेंडरी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट ( SSLC ) की परीक्षा शुरू हुई है। इस बीच कर्नाटक के हसन जिले में एसएसएलसी के एक छात्र में कोविड-19 ( Covid-19 ) संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब अधिकारी इस विषय पर विचार कर रहे हैं कि उसके साथ परीक्षा दे रहे 19 अन्य छात्र को परीक्षा देने की अनुमति दी जाए या नहीं।