हालांकि पुलिस की कार्यशैली में यह बदलाव राज्य के नए डीजीपी दिलबाग सिंह के चार्ज लेने के तुरंत बाद दिखाई दिया है, लेकिन कश्मीर में पत्थरबाज लंबे समय से पुलिस के बड़ा सिर दर्द साबित हो रहे थे।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए पुलिस ने नया फार्मूला अपनाया है। इस बार पुलिस खुद सादे कपड़े पहले भीड़ में शामिल हो रही है। हालांकि पुलिस की कार्यशैली में यह बदलाव राज्य के नए डीजीपी दिलबाग सिंह के चार्ज लेने के तुरंत बाद दिखाई दिया है, लेकिन कश्मीर में पत्थरबाज लंबे समय से पुलिस के बड़ा सिर दर्द साबित हो रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह पत्थरबाजों पर सीधी कार्रवाई के बाद मानवाधिकार संगठनों और दूसरी संस्थाओं का पुलिस के विरोध में आना था। यही वजह है कि राज्य में पुलिस अलगाववादियों और पत्थरबाजों के सामने असहाय बनी हुई थी। वहीं, पत्थरबाजों पर पुलिस की इस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो घटना से जुड़ों फोटो पर लोग खुलकर अपनी राय दे रहे हैं।
अभिनेता नाना पाटेकर ने भी ट्वीट कर पत्थरबाजों के खिलाफ बनाई नई रणनीति का स्वागत किया है।
एक यूजर मेजर अमित बंसल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। यूजर ने इसे पत्थरबाजों को पकड़ने का सटीक तरीका बताया है।
तरुण नाम के एक यूजर ने इसके लिए कश्मीर पुलिस को शाबाशी दी है। यूजर ने लिखा है कि पत्थरबाजों की धर-पकड़ के लिए इससे अच्छा तरीका नहीं हो सकता।
वहीं, अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के इस कदम की निंदा की है। गिलानी ने कहा कि भारत अधिकृत कश्मीर में इजरायली तरीके अपना रहा है। गिलानी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को पकड़ने के लिए पुलिस सादे कपड़ों में छिप रही है।
भाजपा कार्यकर्ता रघुपति भट्ट ने इसे पत्थरबाजों पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया है। भट्ट ने इसके लिए जम्मू—कश्मीर पुलिस की सरहाना की है।