सीमा पार से आए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकवादियों ने तीन नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया।
नई दिल्ली। आतंकवाद को लेकर पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। कभी युद्ध विराम का उल्लघंन तो कभी अपने आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराकर पाक अपने मंसूबों को कामयाब करना चाहता है। यही कारण है कि सोमवार रात को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकियों ने एक बड़ी घटना को अंजाम दे डाला। सीमा पार से आए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकवादियों ने तीन नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान आसिफ अहमद शेख, हसीब अहमद खान और मोहम्मद असगर के रूप में हुई है, और सभी बारामूला के पुराने शहरी इलाके के काकर हमाम के निवासी थे। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
पुलिस ने के अनुसार घटना बारामूला के इकबाल मार्केट इलाके की है। यहां रात करीब 8:30 बजे अज्ञात आतंकियों ने गोली बरसाकर तीन नागरिकों की हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार घटना को अंजाम देने वालों में से एक पाकिस्तान से आया था। राज्य के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मारे गए तीनों नागरिकों की उम्र 20 से 22 साल के आसपास थी।
महबूबा मुफ्ती ने की निंदा
वहीं राज्य की सीएम महबूबा मुफ्ती ने आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं बारामूला में आतंकियों के हाथों मारे गए तीन नागरिकों की हत्या किए जाने की घटना से व्यथित हूं। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। इसके अलावा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हमले की निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादी नेताओं से भी हमले की कड़े शब्दों ने निंदा करने की अपील की है।