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NoteBandi Effect: अातंक पर बड़ी चोट, घाटी में 60 फीसदी घटनाएं कम हुईं

सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार के साथ साझा की जानकारी। सरकार ने पेश किए अांकड़े। कालाधन रुकने से अातंकी वारदातों में कमी। 
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Updated: 7 Jan 2017, 10:28 AM IST
kashmir notebandi
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नई दिल्ली. भारत ने फर्जी करंसी के खिलाफ जंग में बड़ी कामयाबी हासिल की है। घाटी और देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवाद पर भी जोरदार हमला हुआ है। घाटी में आतंकी घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है।

30 दिनों के अांकड़े जारी

सरकार ने इस संबंध में आंकड़े जारी किए। बीते 30 दिनों में नोटबंदी के असर की पड़ताल कर रही जांच एजेंसियों के मुताबिक, सरकार के इस निर्णय से आतंकियों की फंडिंग पर लगाम लगी है। इसकी वजह से ही दिसंबर में घाटी में आतंकवाद से जुड़ी हिंसा की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई। इस महीने घाटी में महज एक बम धमाका हुआ। यही नहीं, नोटबंदी की वजह से नक्सली गतिविधियों पर भी चोट पहुंची है। वहीं, भारत में हवाला एजेंट्स के कॉल ट्रैफिक में भी 50 फीसदी की कमी गिरावट देखने को मिली।

दो पाकिस्तानी प्रेस बंद

जाली नोट छापने वाली दो अहम पाकिस्तानी प्रेस को मजबूरन बंद किया गया है। जांच एजेंसियों ने ये जानकारियां सरकार से साझा की हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नोट में नए सुरक्षा फीचर्स की वजह से सीमा पार जाली नोट के धंधे पर बुरा असर पड़ा है। एक अफसर ने बताया कि पाकिस्तान अपने क्वेटा स्थित सरकारी प्रेस और कराची के एक प्रेस में जाली भारतीय करंसी छापता रहा है। मगर नए नोट की वो नकल नहीं कर सका। नतीजनत, दोनों प्रेस बंद हो गईं।

पत्थरबाजी में कमी

नोटबंदी का असर जानने के लिए हर राज्य से इनपुट लिए गए। खास तौर पर संवेदनशील राज्यों के जिलों से भी सूचनाएं मांगी गईं। जमीनी स्तर पर आतंकवादियों का नेटवर्क कमजोर होने की वजह से बीते कुछ हफ्तों में घाटी में कई कामयाब एंटी टेरर ऑपरेशंस चलाए गए। कैश की कमी की वजह से स्थानीय असामाजिक तत्व पत्थरबाजी के लिए युवाओं को लुभा नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा भ्रष्ट सरकारी अफसरों की गतिविधियां भी कम हुई हैं। इसके अलावा, लैंड माफियाओं द्वारा गलत तरीके से महंगे किए गए रियल एस्टेट मार्केट में भी कीमतों में सुधार हुए हैं।
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