
नई दिल्ली। कोरोना संकट ( coronavirus ) के बीच केरल से बड़ी खबर सामने आई है। केरल ( Kerala ) के मुख्यमंत्री पी विजयन ( C M Pinarayi Vijayan ) ने एक बड़े विवाद ( New Controversy ) को जन्म दे दिया है। दरअसल पी विजयन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( CPM ) के एक स्थानीय नेता को मौत के बाद किसी हीरो तरह विदाई दी है। यहां विवाद इसलिए खड़ा हो गया क्योंकि सीएम ने जिस सीपीएम नेता को किसी हीरो की तरह बिदाई ( Heros Farewell ) वो हत्या का दोषी था और जेल में सजा काट रहा था।
ये स्थानीय नेता पिछले लंबे समय से बीमार चल रहा था और असप्ताल में इलाज करवा रहा था। इलाज के दौरान ही अस्पताल में इस नेता की मौत हो गई और मुख्यमंत्री पी विजयन ने इसे हीरो की तरह बिदाई देते हुए शहीद तक बता डाला।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक नए विवाद में पड़ गए हैं। विवाद उनकी ओर से एक हत्यारे को हीरो की तरह बिदाई देने पर खड़ा हुआ है। सीएम विजयन ने सीपीएम के स्थानी नेता जो वर्ष 2014 से ही एक हत्या के दोष में आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा काट रहा था उसकी मौत पर उसे सम्मान के साथ बिदाई दी है। 72 साल के पी कुंजननाथन की तिरुवनंतपुरम के एक हॉस्पिटल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
कुंजननाथन को बताया समाज का चिंतक
हत्या के दोषी कुंजननाथन की मौत पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ना सिर्फ उन्हें हीरो की तरह बिदाई दी बल्कि निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पार्टी नेताओं का नेतृत्व किया। इस दौरान विजयन ने उन्हें एक ऐसा कॉमरेड कहा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से पार्टी से स्नेह रखा और समाज की चिंता की।
CPI(M) की केंद्रीय समिति के सदस्य ए विजयराघवन और एम वी गोविंदन सहित कई नेताओं कुंजननाथन को आखिरी विदाई देने के लिए अस्पताल भी गए।
इन सभी नेताओं ने अस्पताल में ही नारा लगाते हुए कुंजननाथन को शहीद तक कह डाला। एक ऐसा शहीद जो कभी नहीं मरेगा।
सीएम विजयन के अलावा राज्य मंत्री और सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य ई पी जयराजन ने कहा, कि पानूर क्षेत्र में सीपीआई (एम) खड़ा करने में उनकी काफी अहम भूमिका थी।
ये है पूरा मामला
दरअशल कुंजननाथन जिस हत्या के दोष में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे वो हत्या आठ साल पहले वर्ष 2012 में हुई थी।
कोझिकोड की एक अदालत ने कुंजुनाथन के साथ-साथ 11 अन्य लोगों को हत्या का दोषी ठहाराया था। इस हत्या के आरोप में सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
राजनीतिक साजिश के तहत दिया अंजाम
कोर्टन ने माना था कि इस हत्या को राजनीतिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। जिस शख्स की हत्या की गई थी वो सीपीआई एम के ही बागी नेता टीपी चंद्रशेखरन थे। जिन्हें साजिश के तहत मौक के घाट उतारा गया था।