
नई दिल्ली।
यह बात बहुत कम लोगों को पता है कि कश्मीर में बीते दो वर्षों में अंदर ही अंदर पांच नए आतंकी संगठन तैयार हो गए। इनमें टीआरएफ, पीएएफएफ, जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स, लश्कर-ए-मुस्तफा और कश्मीर टाइगर्स शामिल हैं। इनकी सक्रियता घाटी क्षेत्र में काफी बढ़ी है। वहीं, लश्कर-ए-मुस्तफा आतंकी संगठन की सक्रियता अगस्त 2020 के अंतिम हफ्ते में पहली बार खुलकर कश्मीर घाटी में दिखाई दी।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, लश्कर-ए-मुस्तफा का जुड़ाव जैश-ए-मुहम्मद से है। हिदायतुल्ला मलिक लश्कर-ए-मुस्तफा के सरगना के तौर पर काम कर रहा था। इसने अंदर ही अंदर पूरे घाटी क्षेत्र में काफी पैठ बना रखी थी और कई गहरी साजिशों में इसका नाम सामने आया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगाह में चढ़ गया था। काफी लंबे समय से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इसे अपने रडार पर रखे हुए थीं। कई बार इसे पकडऩे के लिए ऑपरेशन चलाए गए, मगर यह बच निकलने में कामयाब होता रहा। हालांकि, शनिवार की देर शाम जम्मू के कुंजवानी में जम्मू और अनंतनाग पुलिस ने एक साझा ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें यह सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, हिदायतुल्ला मलिक ए ग्रेेड का आतंकी है। इसकी काफी लंबे समय से तलाश की जा रही थी। यह लश्कर-ए-मुस्तफा का सरगना था। यह आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद जैसे खतरनाक संगठन से जुडक़र काम करता है। जम्मू के एसएसपी श्रीधर पाटिल के अनुसार, जब टीम हिदायतुल्ला को गिरफ्तार करने पहुंची, तब उसने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया था। उसके पास से पिस्तौर और ग्रेनेड बरामद हुए हैं।
चार आतंकियों ने दिया सुराग
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से हिदायतुल्ला की तलाश कर रही थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिदायतुल्ला के बारे में सुराग कुछ समय पहले पकड़े गए चार आतंकियों ने पूछताछ के दौरान दिया था। उनके बताए गए हिसाब से ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें वह गिरफ्तार हुआ। हिदायतुल्ला जम्मू में बड़े हमले की साजिश रच रहा था। इसके अलावा पुलिस को हिदायतुल्ला की तलाश मई 2020 में पुलवामा में बरामद हुए शक्तिशाली कार बम मामले में भी थी। हालांकि, पुलिस ने बरामदगी के बाद कार बम को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया था। हिदायतुल्ला इस मामले में तलाश किए जा रहे 10 आरोपियों में से एक था।
फंड जुटाने के लिए लूटपाट करता था
लश्कर-ए-मुस्तफा की सक्रियता घाटी क्षेत्र में अगस्त 2020 के अंतिम हफ्ते में सीधे तौर पर पहली बार महसूस की गई। इस संगठन का कमांड हिदायतुल्ला मलिक शोपियां जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार हिदायतुल्ला का कोड नाम हसनैन है। इस आंतकी संगठन के लोगों ने शुरू में लूटपाट की थी। इसमें नवंबर 2020 में शोपियां में जम्मू-कश्मीर बैंक की एक कैश वैन से 60 लाख रुपये की लूट भी शामिल है। हालांकि, सुरक्षा बलों ने कुछ दिनों बाद ही घटना में शामिल दो आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था, लेकिन हिदायतुल्ला उस समय भी बच निकलने में कामयाब हो गया था।