Corona संकट के बीच बढ़ा Lock Down तो बढ़ेगी मुश्किल LockDown 2 में घरों पर ही मनेंगे बड़े त्योहार दो हफ्तों में पड़ेंगे छोटे-बड़े 8 त्योहार
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india )का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 7500 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यही वजह है कि कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से 21 दिन के लॉकडाउन ( Lock Down) की अवधि बढ़ाने की अपील की है। इतना ही देश में अब तक ओडिशा ( Odisha ), पंजाब ( Punjab ), महाराष्ट्र ( Maharashtra ), प.बंगाल ( West Bengal ) और तेलंगाना ( Telangana ) समेत पांच राज्य अपने-अपने राज्यों में लॉकडाउन बढ़ा भी चुके हैं।
इसके अलावा अन्य राज्य चाहते हैं 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन जारी रहे। लॉकाडउन ( Lockdown2 ) की अवधि बढ़ती है तो कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव ( Community Transmition ) को रोकने में मदद तो मिलेगी लेकिन इसका सीधा असर हमारे तीज और त्योहारों पर भी पड़ेगा।
आईए जानते हैं 30 अप्रैल तक लॉकाडउन बढ़ने पर किन बड़े त्योहारों को हमें घर में ही मनाना होगा।
फीकी रहेगी अक्षय तृतीया
हर वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया या आखा तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं उनका अक्षय शुभफल मिलता है, इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो साल के सभी बारह महीनों के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुभ होती है, लेकिन वैशाख माह की तृतीया तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में अति शुभ तिथि मानी गई है। बिना कोई पंचांग देखें कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य कर सकते हैं। इस वर्ष 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा।
लॉकडाउन बढ़ता है तो हिंदुओं के इस बड़े त्योहार को घरों में ही मनाना होगा। अक्षय तृतीया पर शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों की खरीददारी या घर, भूखंड, वाहन आदि की खरीददारी की जाती है, लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने पर इस पर सीधा असर पड़ेगा।
लॉकाडउन-2 में इन तीज-त्योहारों पर पड़ेगा असर
20 अप्रैल को कृष्ण पक्ष को सोम प्रदोष व्रत है।
21 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि व्रत पूजा का दिन है।
22 अप्रैल को वैशाखी अमावस्या तिथि है।
25 अप्रैल से मुस्लिम पर्व रमजान रोजा प्रारंभ होगा।
26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व है।
26 अप्रैल को भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाएगी।
27 अप्रैल को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
29 अप्रैल को गंगा जन्म, गंगा सप्तमी मनाई जाएगी।
घर में ही होगी रमजान की शुरुआत
बरकतों से भरा इस्लाम धर्म का पवित्र महीना रमजान इस साल अप्रैल महीने की 23 अप्रैल देर रात से शुरू होगा। रमजान का चांद देखने के बाद मुस्लिम लोग रोजा रखने की शुरुआत करेंगे। रमजान के पूरे महीने रोजे (व्रत) रखकर खुदा की इबादत की जाती है।
रमजान में करीब 1 महीने तक हर दिन सूरज उगने से पहले उठकर सहरी खा कर रोजा जाता है जिसे शाम में इफ्तारी के बाद खोला जाता है।
रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में तराबी (नमाज) की शुरूआत हो जाती है। तराबी की नमाज में मस्जिद के मौलाना कुराने ए पाक को मौखिक तौर पर सुनाते हुए नमाज पढ़ाते हैं। लेकिन इस बार अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो रमजान की नमाज घरों पर ही पढ़ी जाएगी। यानी रमजान जैसे बड़े त्योहार की शुरुआत भी मस्जिद में ना होकर घरों में ही होगी।