एक से 7 मई तक रेलवे ने चलाईं 189 स्पेशल ट्रेनें 24 डिब्बे वाली इन ट्रेनों के हर कोच में सवार होते हैं 54 प्रवासी मजदूर सफर के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जा रहा है खास ख्याल
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) संकट और लॉकडाउन 3.0 ( Lockdown 3.0 ) के बीच देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों ( Migrant Labour ) को उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे ( Indian Railway ) की सेवाएं जारी जारी है। रेलवे की ओर से 1 से 7 मई के दौरान 189 श्रमिक स्पेशल ( Shramik Special Trains ) ट्रेनों चलाई गईं। अब तक इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ( Shramik Special Trains ) से 1 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों को उनके घर तक पहुंचाया जा चुका है। अभी कई दिन तक ये ट्रेनें चलती रहेंगी और दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों-मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
भारतीय रेल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गुरुवार को 40 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 1,200 श्रमिकों को लेकर दिल्ली से मध्य प्रदेश के छतरपुर तक जाने वाली पहली ट्रेन भी शामिल है। रेलवे के मुताबिक बुधवार को 56 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं।
हर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 24 डिब्बे हैं, जिनमें से हर एक डिब्बे में 72 सीटें हैं। सफर के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) का पालन करने के वास्ते एक डिब्बे में केवल 54 लोगों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है और बीच वाली बर्थ किसी भी यात्री को नहीं दी जा रही है।
दूसरी तरफ लॉकडाउन की वजह से गुजरात में फंसे विभिन्न राज्यों के 80,000 प्रवासी श्रमिकों को पिछले 5 दिन में 67 विशेष ट्रेनों से उनके गृह राज्य पहुंचाया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव अश्वनी कुमार ने बताया कि 2 मई से बुधवार रात तक के उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा के 80,408 प्रवासी श्रमिकों को 67 विशेष ट्रेनों से उनके गृह राज्य पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ट्रेन में 1,200 यात्रियों को ले जाया गया।
गुरुवार को गुजरात से 34 और ट्रेनें रवाना हुईं। इन ट्रेनों में सवार होकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक अपने घर पहुंचेंगे।