1974 में इस करुणानिधि ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दिल्ली में इस बारे में अलग मापदंड का हवाला देते हुए पत्र लिखा था।
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) के दिवंगत अध्यक्ष एम करुणानिधि के नाम एक शानदार रिकॉर्ड दर्ज है। स्वाधीनता दिवस के मौके पर उनकी याद एक बार फिर ताजा हो गई। दरअसल देश में बतौर मुख्यमंत्री तिरंगा फहराने की परंपरा उन्होंने ही शुरू की थी। गौरतलब है कि इससे पहले देश में गणतंत्र दिवस और स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा फहराने की परंपरा का निर्वहन सिर्फ राज्यपाल ही किया करते थे।
इंदिरा गांधी से की थी इस अधिकार की मांग
1974 में इस करुणानिधि ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दिल्ली में इस बारे में अलग मापदंड का हवाला देते हुए पत्र लिखा था। करुणानिधि ने कहा था कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं और स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री ऐसा करते हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी से कहा था कि मुख्यमंत्रियों को भी स्वाधीनता दिवस पर तिरंगे को फहराने का अवसर मिलना चाहिए।
केंद्र ने मानी थी करुणानिधि की सलाह
करुणानिधि की सलाह को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था और इसे लागू करने के लिए सभी राज्य सरकारों को सूचित कर दिया गया। इसी के साथ इस नई परंपरा की बुनियाद रखी गई। इस तरह परंपरा को शुरू कराने का श्रेय दक्षिण भारत की सियासत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले करुणानिधि को जाता है। उल्लेखनीय है कि करीब हफ्ते भर पहले ही उनका चेन्नई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। द्रविड़ आंदोलन के दिग्गज नेता रहे इस शख्स के जाने से तमिलनाडु की सियासत में एक युग का अंत हो गया है।