उपन्यास ‘मीशा’ किश्तों में एक पत्रिका में प्रकाशित हो रहा था, दक्षिणपंथियों पर लगा धमकाने का आरोप
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर धमकी मिलने के बाद मलयालम लेखक एस हरीश ने अपना उपन्यास वापस ले लिया। गौरतलब है कि हरीश का पहला उपन्यास ‘मीशा’ किश्तों में एक पत्रिका में प्रकाशित हो रहा था। उसी अखबार के संपादक ने ट्वीट किया कि एस हरीश ने अपना उपन्यास वापस ले लिया है। इसके बाद भी हरीश को लगातार सोशल मीडिया पर धमकियां दी जा रही थीं। उपन्यास को वापस लेने के बाद लेखक ने कहा कि उनके परिवार को लगातार धमकी दी जा रही थी। ऐसे में वह कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहते हैं।
दक्षिणपंथियों ने दी धमकी
आरोप है कि दक्षिणपंथियों ने लेखक और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर धमकी दी थी। हालांकि इन लोगों का आरोप है कि उपन्यास में मंदिर जाने वाली महिलाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है। हरीश ने उपन्यास वापस लेने की पुष्टि की है। पत्रिका के संपादक ने भी कहा कि यह केरल के सांस्कृतिक इतिहास के लिए दुखद दिन है। गौरतलब है इससे पहले लेखिका गौरीलंकेश के मामले में दक्षिपंथियों का नाम सामने आया था। उनकी हत्या कर दी गई थी।
लेखक से सबक लेना चाहिए : थरूर
पत्रिका के संपादक ने कहा कि उपन्यास के तीन अंश साप्ताहिक में प्रकाशित हो चुके हैं। लेखक के कहने पर इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया है। वहीं कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग हिन्दुत्व तालिबान के उभार के बारे में चेतावनियों पर विश्वास नहीं करते,उन्हें मलयालम लेखक हरीश के साथ हुई घटना से सबक लेना चाहिए। दरअसल थरूर के इस बयान पर पिछले दिनों काफी बवाल हुआ था। इसके बाद से सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया। उनके बयान के बाद लोगों ने उन्हें पाकिस्तान जाने को कहा। भाजपा नेता सु्ब्रमण्यम स्वामी ने थरूर पर तंज कसते हुए कहा था कि वह पाकिस्तान में अपनी गर्लफ्रेंड के पास जाकर रहें।