प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुरुवार को जिलाधिकारियों की मीटिंग में खुद को बोलने का मौका न मिलने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निशाना साधा है।
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) के साथ गुरुवार को जिलाधिकारियों की मीटिंग में खुद को बोलने का मौका न मिलने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee ) ने निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसको अपना अपमान बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्री अपमानित महसूस कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने बैठक में मुख्यमंत्रियों को बुलाया और वह सब कठपुतली की तरह बैठे रहे। किसी कोई शब्द भी बोलने का मौका नहीं दिया गया। ममता बनर्जी ने इसको संघीय ढांचे के लिए काफी अफसोसजनक बताया।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जिलों से कोरोना प्रबंधन पर फीडबैक के लिए उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़, केरल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश सहित दस राज्यों के कुल 54 जिलाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई थी। इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आमंत्रित करने के बाद भी गैरभाजपा शासित राज्यों के मुख्यमत्रियों को बोलने का मौका नहीं दिया। ममता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऑक्सिजन और ब्लैक फंगस की समस्याओं को लेकर भी कुछ नहीं पूछा। इस रवैये से गैरभाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। अगर बोलने की अनुमति नहीं थी तो बुलाया क्यों गया?
ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री इतने घबराए हुए थे कि वह मुख्यमंत्रियों को सुनना ही नहीं चाह रहे थे। अगर ऐसा था तो मीटिंग में मुख्यमंत्रियों को बुलाने की जरूरत ही क्या थी? उन्होंने कहा कि पीएम ने भाजपा शासित अपनी पसंद के अधिकारियों को जरूर बोलने दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि वह पीएम मोदी से क ोरोना वैक्सीन मांगने के संबंध में बात करना चाह रही थी।