-SOP for International Passengers: भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना ( Coronavirus ) का कोहराम मचा हुआ है। -दुनिया में अब तक 2 करोड़ 59 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित ( Covid-19 Virus ) हो चुके हैं। -केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल उड़ानों ( International Commercial Flights ) की आवाजाही पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है।-इसको लेकर केंद्र सरकार ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी जारी कर रही है।
नई दिल्ली।
SOP for International Passengers: भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना ( coronavirus ) का कोहराम मचा हुआ है। दुनिया में अब तक 2 करोड़ 59 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित ( COVID-19 virus ) हो चुके हैं। जबकि, 8 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। विभिन्न देशों में लॉकडाउन ( Lockdown ) चल रहा है। भारत में 1 सितंबर से अनलॉक 4 ( Unlock 4.0 ) शुरूआत हुई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल उड़ानों ( International Commercial Flights ) की आवाजाही पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है।
सरकार ने कुछ उड़ानों को छोड़ भारत से दूसरे देशों में आने और जाने वाली उड़ानों पर रोक को बढ़ा दिया गया है। वहीं, सरकार वंदे भारत मिशन के तहत नॉन शेड्यूल इंटरनेशनल फ्लाइटों का संचालन कर रही है, जिसमें देश-विदेशों में फंसे लोगों को वापस लाने और बाहर ले जाया जा रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी जारी कर रही है, जिसके यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
भारत आने वाले यात्रियों के लिए दिशानिर्देश
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार केवल यात्रियों की एक कैटेगरी को ही फ्लाइटों में सफर करने की इजाजत होगी। इसके अलावा इच्छुक यात्रियों को संबंधित देश में इंडियन मिशन में रजिस्टर करना होगा। यात्रियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी। एयर ट्रांसपोर्ट बब्बल्स एरेंजमेंट के तहत ऑपरेट किए जा रहे फ्लाईटों के लिए पंजीकरण करना जरूरी नहीं हो सकता है।
Indian Railways: अब बिना ट्रेन बदले पहुंचेंगे Patna, महज ढाई घंटे में होगा सफर
इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय, मिलिट्री मामलों के विभाग या जहाजरानी मंत्रालय से मंजूरी के बाद ही यात्री नॉन शेड्यूल फ्लाईट्स से वतन वापसी कर सकेंगे। हालांकि, ऐसे प्रवासी कामगार जिनके वीजा की वैधता समाप्त हो गई है या मेडिकल आपातकाल, गर्भवती महिला या बुजुर्ग जिन्हें भारत आना जरूरी है, को प्राथमिकता दी जाएगी।
एयरलाइन/शिप द्वारा निर्धारित किराया का भुगतान यात्री खुद से करेंगे। विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय अपने ऑनलाइन डिजीटल प्लेटफॉर्म पर शेड्यूल से दो दिन पहले नोटिस लगाएगी। सभी यात्रियों को अंडरटेकिंग देना होगा कि वे अपने रिस्क पर यात्रा कर रहे हैं।
भारत से जाने वाले यात्रियों के लिए दिशानिर्देश
भारत से बाहर जाने वाले यात्रियों को अपना ब्यौरा नागरिक उड्डयन मंत्रालय को देना होगा, विभाग इसे अपनी वेबसाइट पर जारी करेगा। भारत से बाहर जाने वाले यात्री नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त नॉन शेड्यूल फ्लाइट्स से यात्रा कर सकेंगे।
ऐसे यात्रियों का टिकट कंफर्म करने से पहले संबंधित एयरलाइंस सुनिश्चित करेगा की गंतव्य देश ने उन यात्रियों को वैध वीजा के साथ आने की अनुमति दी है।
यात्रियों द्वारा टिकट किराया का भुगतान करना होगा। फ्लाईट में बोर्डिंग के दौरान मास्क लगाने, एनवायरमेंट हाईजिन, रेसिपिरेट्री हाईजिन, हाथों की साफ-सफाई जैसे एहतियात बरतना जरूरी होगा. ये एयरलाईन स्टाफ, क्रू मेंबर्स और यात्रियों सभी के लिए होगा।